गढ़वाली अस्मिता की प्रतीक, मातृभूमि की वीरांगना तीलू रौतेली को नमन
कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल), 8 अगस्त 2025:
उत्तराखंड की माटी में जन्मी वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती के अवसर पर आज समस्त प्रदेश में श्रद्धा, सम्मान और गौरव के साथ विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। गढ़वाल की रानी, झांसी की लक्ष्मीबाई से पूर्व जन्मी इस अप्रतिम योद्धा का जन्म 8 अगस्त 1661 को पौड़ी गढ़वाल के गुराड़ तल्ला गांव में हुआ था।


महज 15 वर्ष की आयु में शस्त्र उठा कर अपने पिता, भाई और मंगेतर की वीरगति का प्रतिशोध लेने वाली तीलू रौतेली ने सात बड़े युद्धों में कत्यूर आक्रमणकारियों को पराजित कर गढ़राज्य की सीमाओं की रक्षा की। वीरता, समर्पण और शौर्य की प्रतीक तीलू रौतेली का बलिदान आज भी उत्तराखंड की बेटियों को प्रेरणा देता है।
कोटद्वार में भी इस अवसर पर विशेष आयोजन किया गया। लालबत्ती चौराहे पर स्थित वीरांगना तीलू रौतेली की प्रतिमा पर वीरबाला तीलू रौतेली विचार मंच के सदस्यों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर परविधान सभा अध्यक्ष और वर्तमान विधायक ऋतु खंडूरी, नगर निगम कोटद्वार के मेयर श्री शैलेंद्र सिंह रावत तथा पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी और मंच की अध्यक्षा मैडम वीना रावत के साथ साथ मंच के सारे पद अधिकारी गण व शहर के गण मान्य व्यक्ति उपस्थिति थे सभी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई और वीरांगना की गाथा को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।

आज का दिन केवल एक योद्धा को स्मरण करने का नहीं, बल्कि उस अद्वितीय नारी साहस और गौरव को सलाम करने का है, जिसने इतिहास में अपना नाम अमर कर दिया।
वीरबाला तीलू रौतेली विचार मंच की अध्यक्षा वीना रावत ने बताया की इस कार्यक्रम के दौरान 21000 का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष में भी भेंट स्वरूप विधायिका महोदया के हाथों में दिया गया।
वीर भूमि गढ़वाल की इस वीरांगना को शत् शत् नमन।
🚩जय राजराजेश्वरी तीलू रौतेली🚩
