उत्तराखंड: भारी बारिश और भूस्खलन से केदारनाथ यात्रा प्रभावित, रुद्रप्रयाग में राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी
प्रदेश में मानसून अब चरम पर पहुंच रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कल रात से ही बारिश हो रही है।
भारी बारिश और भूस्खलन से केदारनाथ यात्रा प्रभावित
,रुद्रप्रयाग में राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी
प्रदेश में मानसून अब चरम पर पहुंच रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कल रात से ही बारिश हो रही है। भारी बारिश और भूस्खलन होने से केदारनाथ यात्रा मार्ग प्रभावित है। इसके अलावा रुद्रप्रयाग और मसूरी में कई मकानों को क्षति पहुंची है। देहरादून में आज सुबह भी बारिश हुई और आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने आज नैनीताल, चम्पावत और बागेश्वर में भारी से भारी बारिश का आरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा देहरादून, टिहरी, पौड़ी और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, जिला रुद्रप्रयाग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दल आज सुबह से ही युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि कल रात रुद्रप्रयाग के गांव चमेली, रूमसी, चमरारा तोक एवं विजयनगर क्षेत्र में सौड़ी गदेरे और बेडू बगड़ नाले में भारी मात्रा में मलबा व पानी आने के कारण कुछ भवनों, गौशालाओं, शौचालयों और संपर्क मार्गों में कटाव हुआ। लगभग 8-10 भवनों में मलबा घुस गया है। प्रभावित क्षेत्रों में जेसीबी व अन्य संसाधनों की सहायता से मलबा हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। ग्रामीणों, पशुधन एवं अन्य प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत शिविर स्थापित कर सुरक्षित आवास, भोजन, चिकित्सा एवं आवश्यक सेवाएं सुनिश्चित कराई जा रही हैं।
प्रदेश में मानसून अब चरम पर पहुंच रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कल रात से ही बारिश हो रही है। भारी बारिश और भूस्खलन होने से केदारनाथ यात्रा मार्ग प्रभावित है। इसके अलावा रुद्रप्रयाग और मसूरी में कई मकानों को क्षति पहुंची है। देहरादून में आज सुबह भी बारिश हुई और आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने आज नैनीताल, चम्पावत और बागेश्वर में भारी से भारी बारिश का आरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा देहरादून, टिहरी, पौड़ी और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, जिला रुद्रप्रयाग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दल आज सुबह से ही युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि कल रात रुद्रप्रयाग के गांव चमेली, रूमसी, चमरारा तोक एवं विजयनगर क्षेत्र में सौड़ी गदेरे और बेडू बगड़ नाले में भारी मात्रा में मलबा व पानी आने के कारण कुछ भवनों, गौशालाओं, शौचालयों और संपर्क मार्गों में कटाव हुआ। लगभग 8-10 भवनों में मलबा घुस गया है। प्रभावित क्षेत्रों में जेसीबी व अन्य संसाधनों की सहायता से मलबा हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। ग्रामीणों, पशुधन एवं अन्य प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत शिविर स्थापित कर सुरक्षित आवास, भोजन, चिकित्सा एवं आवश्यक सेवाएं सुनिश्चित कराई जा रही हैं।
