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सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के तत्वावधान में आज नई दिल्ली स्थिति पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय दिव्यांगजन संस्थान (पीडीयूएनआईपीपीडी) में 54 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन किया गया। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने पर्यावरण अनुकूल पहल की शुरुआत की। इसे लेग्रैंड इंडिया के सहयोग से स्थापित किया गया है। यह पर्यावरण संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री राजेश अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि यह सौर ऊर्जा संयंत्र पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह न केवल संस्थान की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करेगा बल्कि आर्थिक रूप से भी लाभकारी साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह सौर ऊर्जा संयंत्र ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम है और यह भारत सरकार के स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के मिशन के साथ संरेखित है तथा इससे पर्यावरणीय और आर्थिक दोनों तरह के लाभ होंगे। लेग्रैंड इंडिया के योगदान की सराहना करते हुए, श्री अग्रवाल ने कहा कि यह पहल अन्य संस्थानों के लिए हरित ऊर्जा को अपनाने के लिए एक बेहतरीन उदाहरण और एक स्थायी भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की उप महानिदेशक श्रीमती ऋचा शंकर ने संकाय और छात्रों को संबोधित करते हुए दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने का आग्रह किया। पीडीयूएनआईपीपीडी के निदेशक डॉ. जितेंद्र शर्मा ने बताया कि सौर संयंत्र ने संस्थान की बिजली लागत में लगभग 30 प्रतिशत की कमी की है, इससे दीर्घकालिक बचत सुनिश्चित हुई है।

आईटीओ में स्थित, पीडीयूएनआईपीपीडी एक प्रमुख संस्थान है जो दिव्यांग व्यक्तियों और आम जनता को पुनर्वास और चिकित्सा सेवाएं प्रदान करता है। यह पुनर्वास में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम भी चलाता है। 700 से अधिक छात्रों वाला यह संस्थान दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध और भारतीय पुनर्वास परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त है।

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By udaen

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