केंद्रीय विद्यालय स्वीकृति पर महानगर कांग्रेस कोटद्वार ने जताया आभारपूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी जी के दो दशक पुराने प्रयासों को बताया ऐतिहासिक
कोटद्वार, 22 जून 2025:
कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति को लेकर आज गुरुनानक वेडिंग पॉइंट में महानगर कांग्रेस कमेटी कोटद्वार द्वारा एक विशेष आभार बैठक एवं प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में माननीय पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी जी के दो दशक पुराने शिक्षा संबंधी विजन, प्रयासों और संघर्ष को स्मरण करते हुए उनका सार्वजनिक आभार प्रकट किया गया।
प्रेस वार्ता के प्रमुख बिंदु:
🔹 2006 में केंद्रीय विद्यालय की आधारशिला:
तत्कालीन विधायक श्री नेगी ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री मोतीलाल वोरा के साथ केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह से भेंट कर कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। अर्जुन सिंह ने सैद्धांतिक सहमति दी थी और राज्य सरकार से औपचारिक प्रस्ताव मांगा था।
🔹 2007 में सत्ता परिवर्तन से ठहराव:
राज्य में भाजपा सरकार आने के बाद केंद्रीय मंत्रालय द्वारा राज्य सरकार को आवश्यक प्रपत्र भेजने के निर्देश दिए गए, लेकिन वे केंद्र तक नहीं पहुंचे, जिससे प्रस्ताव 2012 तक ठंडे बस्ते में चला गया।
🔹 2012 में पुनः प्रयास और भूमि प्रस्ताव:
फिर से विधायक बनने के बाद श्री नेगी ने प्रस्ताव को पुनर्जीवित किया और 2013-14 में झंडी चौड़ व कौड़िया क्षेत्र की भूमि निशुल्क देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा, जिसे मंत्रालय ने मानकों के अनुरूप माना।
🔹 2014 में केंद्र में सत्ता परिवर्तन और प्रस्ताव की फिर उपेक्षा:
भाजपा सरकार के आने के बाद कोटद्वार सहित कई पुराने प्रस्तावों को रोक दिया गया। नेगी जी के प्रयासों के बावजूद केंद्रीय विद्यालय का मामला फिर अटका रहा।
🔹 अब स्वीकृति – नेगी जी के विजन की विजय:
हाल ही में केंद्र सरकार ने देशभर में 85 केंद्रीय विद्यालयों की घोषणा की है, जिनमें अधिकांश पुराने पेंडिंग प्रस्ताव हैं। कोटद्वार का प्रस्ताव इन्हीं में सबसे पुराना है, जो अब जाकर स्वीकृत हुआ।
🔹 चिंताएं और मांगें:
- भूमि की सीमित उपलब्धता: किशनपुरी इंटर कॉलेज में संचालन प्रारंभ होना है, जबकि केंद्रीय विद्यालय के लिए 5 एकड़ भूमि अनिवार्य है। वर्तमान में केवल कक्षा 1 से 5 तक ही संचालन संभव।
- पूर्ण भूमि व्यवस्था की मांग: शासन से अनुरोध किया गया कि शीघ्र समुचित भूमि की व्यवस्था की जाए, जिससे विद्यालय कक्षा 12 तक संचालित हो सके।
- अन्य लंबित विकास योजनाओं पर चिंता: मेडिकल कॉलेज, टाइगर सफारी, लालढांग–चिलरखाल मोटर मार्ग, और कर्णाश्रम पर्यटन केंद्र जैसी योजनाएं भी नेगी जी द्वारा प्रस्तावित की गई थीं, जिन्हें पुनः प्रारंभ किया जाए।
प्रेस वार्ता में रखे गए सवाल:
👉 क्या विकास योजनाएं सत्ता परिवर्तन का शिकार होनी चाहिए?
👉 क्या जनता के हक और भविष्य इस तरह योजनाओं के अधर में लटकते रहेंगे?
👉 क्या भाजपा सरकार ने कभी कोटद्वार विद्यालय हेतु कोई औपचारिक प्रस्ताव केंद्र को भेजा?
प्रेस वार्ता को संबोधित करने वाले प्रमुख नेता:
प्रवीन रावत (कार्यकारी अध्यक्ष), विजय नारायण (पूर्व राज्य मंत्री), धीरेंद्र सिंह बिष्ट, सुनील सेमवाल, विजय रावत, महावीर सिंह रावत, बृजपाल सिंह नेगी, गणेश नेगी, सुदर्शन रावत, राजीव कपूर, सुरेन्द्र सिंह नेगी (महामंत्री), देवेंद्र सिंह नेगी, सूरज प्रसाद कांति, विमल नेगी, मानशेर सिंह सैनी, अनिल वर्मा, धर्मेंद्र रावत, दीपक, वसीम सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
