पीएसीएस के साथ जन औषधि केंद्रों की सफलता
ग्रामीण नागरिकों को किफायती मूल्य पर जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए, सरकार ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) को भारत सरकार के रसायन और उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्यूटिकल्स विभाग की प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (पीएमबीजेके) संचालित करने के लिए सक्षम बनाया है।
प्राथमिक कृषि ऋण समितियाँ (पीएसीएस) 13 करोड़ से अधिक, छोटे और सीमांत किसानों के अपने व्यापक ग्रामीण नेटवर्क और मौजूदा बुनियादी ढाँचे, जैसे कि भूमि, भवन और भंडारण सुविधाओं का उपयोग जन औषधि केंद्रों की स्थापना और संचालन के लिए कर सकती हैं। इससे उन्हें दूरदराज के क्षेत्रों में सस्ती दवाइयों के केंद्र के रूप में काम करने का मौका मिलता है जहाँ ए उपलब्ध नहीं है। पीएसीएस का स्थापित विश्वास और ग्रामीण आबादी के साथ इसका संबंध इन केंद्रों की सफलता सुनिश्चित करने में और सहायता करता है।
भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल्स विभाग द्वारा संचालित यह योजना, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइस ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई) से की गई मासिक खरीद पर केंद्रों को 20% की दर से प्रोत्साहन प्रदान करती है, जिसकी अधिकतम सीमा 20,000 रुपये प्रति माह है, जो स्टॉक अधिदेश की शर्तों के अधीन है। इसके अलावा, केंद्र मालिकों को प्रत्येक दवा के एमआरपी (करों को छोड़कर) पर 20% मार्जिन प्रदान किया जाता है। केंद्रों को केमिस्ट की दुकान में आम तौर पर बेचे जाने वाले संबद्ध चिकित्सा उत्पाद बेचने की भी अनुमति है। इस प्रकार, ये प्रावधान पीएसीएस द्वारा संचालित जन औषधि केंद्रों की स्थिरता और लाभप्रदता सुनिश्चित करते हैं।
यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल तक सबकी पहुंच के लक्ष्य के अनुरूप है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सस्ती दवाएं वंचित ग्रामीण आबादी तक पहुंच सकें, जिससे व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य उद्देश्यों को पूरा किया जा सके।
पीएसीएस और जन औषधि केंद्रों का एकीकरण छोटे और सीमांत किसानों को उनके चिकित्सा व्यय को कम करके आर्थिक रूप से सशक्त बनाता है, जिससे वे कृषि के लिए अधिक संसाधन लगाने के लिए समर्थ होते हैं। यह पहल पीएसीएस स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करती है, और उन्हें अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न करने में सक्षम बनाती है।
प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) का लक्ष्य अपने व्यापक ग्रामीण नेटवर्क के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली देश की बड़ी आबादी को जन औषधि केन्द्रों की सेवाएं प्रदान करना है।
सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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