सरकार ने 31.05.2023 को “सहकारी क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना” को मंजूरी दी, जिसे प्रायोगिक परियोजना के रूप में शुरू किया जाएगा। इस योजना में भारत सरकार (जीओआई) की कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ), कृषि विपणन अवसंरचना योजना (एएमआई), कृषि मशीनीकरण पर उप मिशन (एसएमएएम), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (पीएमएफएमई) आदि जैसी विभिन्न मौजूदा योजनाओं को मिलाते हुए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) स्तर पर विभिन्न कृषि अवसंरचना का निर्माण करना शामिल है, जिसमें गोदाम, कस्टम हायरिंग सेंटर, प्रसंस्करण इकाइयां आदि शामिल हैं।
योजना की प्रायोगिक परियोजना के अंतर्गत 11 राज्यों की 11 पैक्स में गोदामों का निर्माण पूरा हो चुका है, जिनका राज्यवार ब्यौरा निम्नानुसार है:
| क्र.सं. | राज्य | ज़िला | पैक्स का नाम | गोदाम की क्षमता (एमटी) |
| 1. | महाराष्ट्र | अमरावती | नेरीपंगलई विविध कार्यकरीसहकारी संस्था | 3,000 |
| 2. | उत्तर प्रदेश | मिर्जापुर | बहुद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लिमिटेड, कोटवा पांडय | 1,500 |
| 3. | मध्य प्रदेश | बालाघाट | बहुद्देशीय प्राथमिक कृषिसाख सहकारी समिति मर्यादित परसवाड़ा | 500 |
| 4. | गुजरात | अहमदाबाद | द चंद्रनगर ग्रुप सेवासहकारी मंडली लिमिटेड | 750 |
| 5. | तमिलनाडु | तब मैं | सिलमराथुपट्टी प्राथमिक कृषि ऋण सोसायटी | 1,000 |
| 6. | राजस्थान | श्रीगंगानगर | घमूड़वाली ग्राम सेवासहकारी समिति लिमिटेड | 250 |
| 7. | तेलंगाना | करीमनगर | प्राथमिक कृषि ऋणसोसाइटी लिमिटेड, गम्भीरोपेट | 500 |
| 8. | कर्नाटक | बीदर | प्राथमिक कृषि सहकारी संघ लिमिटेड, एकम्बा | 1,000 |
| 9. | त्रिपुरा | गोमती | खिलपाड़ा प्राथमिक कृषिक्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड | 250 |
| 10. | असम | कामरूप | 2 नं. पब बोंगशर जीपीएसएसलिमिटेड | 500 |
| 11. | उत्तराखंड | देहरादून | बहुद्देशीय किसान सेवासहकारी समिति लिमिटेड, सहसपुर | 500 |
| कुल | 9,750 |
उपरोक्त के अलावा, प्रायोगिक परियोजना के तहत 500 अतिरिक्त पैक्स की आधारशिला रखी गई है। अब तक, विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 575 पैक्स की पहचान की गई है, जिनका राज्यवार विवरण अनुलग्नक में संलग्न है।
मंत्रालय देश भर में सभी पंचायतों/गांवों को शामिल करने के लिए 2 लाख बहुउद्देशीय पैक्स और डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना और सुदृढ़ीकरण की योजना को लागू कर रहा है, जिसके लिए एक मार्गदर्शिका (मानक संचालन प्रक्रिया) भी जारी की की गई है। मार्गदर्शिका के अनुसार, वित्त वर्ष 2028-29 तक 218 पैक्स स्थापित करने के लक्ष्य के मुकाबले कर्नाटक राज्य में 128 पैक्स पहले ही गठित किए जा चुके हैं।
इसके अलावा, विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना की प्रायोगिक परियोजना के तहत, कर्नाटक राज्य के बीदर जिले के एकम्बा स्थित प्राथमिक कृषि सहकारी संघ लिमिटेड में 1,000 मीट्रिक टन क्षमता का एक गोदाम भी बनाया गया है।
दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना की प्रायोगिक परियोजना के परिणामस्वरूप, पैक्स स्तर पर कुल 9,750 मीट्रिक टन विकेन्द्रीकृत भंडारण क्षमता बनाई गई है। पैक्स स्तर पर गोदामों के निर्माण का उद्देश्य पर्याप्त विकेन्द्रीकृत भंडारण क्षमता बनाकर खाद्यान्न की बर्बादी को कम करना, देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना, फसलों की संकटकालीन बिक्री को रोकना और किसानों को उनकी फसलों के बेहतर मूल्य प्राप्त करने में सक्षम बनाना है। चूंकि पैक्स खरीद केंद्र के साथ-साथ उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) के रूप में भी काम कर सकते हैं, इसलिए खाद्यान्न को खरीद केंद्रों तक ले जाने और फिर गोदामों से एफपीएस तक स्टॉक को वापस ले जाने में होने वाली लागत को भी बचाया जा सकता है।
अनुलग्नक
चिन्हित पैक्स /लैम्प्स का राज्यवार विवरण
| क्रमांक | राज्य का नाम | पहचाने गए पैक्स /लैम्प्स |
| 1 | महाराष्ट्र | 258 |
| 2 | गुजरात | 47 |
| 3 | त्रिपुरा | 8 |
| 4 | हरयाणा | 11 |
| 5 | ओडिशा | 78 |
| 6 | उत्तर प्रदेश | 24 |
| 7 | जम्मू एवं कश्मीर | 11 |
| 8 | राजस्थान | 100 |
| 9 | मध्य प्रदेश | 38 |
| कुल योग | 575 |
यह जानकारी सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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