प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान के लिए चयनित जाने माने फोटोग्राफर अनूप साह का पूरा जीवन फोटोग्राफी, पर्वतारोहण, पर्यावरण संरक्षण को समर्पित रहा। उनके 3500 से ज्यादा फोटोग्राफ राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में चयनित हुए। करीब 350 फोटो पुरस्कृत हुए। साह छह दुर्गम चोटियों पर सफल आरोहण कर चुके हैं। वह कई ट्रैकिंग अभियानों में शामिल रह चुके हैं। 1970 में 6611 मीटर ऊंची दुर्गम अविजित चोटी नंदाखाट को सर्वप्रथम अनूप ने ही फतह किया था।
इसके अलावा ट्रेल पास को भी 53 वर्षों के अंतराल के बाद 2004 में साह ने फतह किया था। साह अत्यंत प्रतिष्ठित आईएमएफ के स्थायी सदस्य और इंडियन इंटरनेशनल फोटोग्राफिक काउंसिल के उपाध्यक्ष भी हैं। इंडो-जापान नंदा देवी संयुक्त अभियान में भी वे शामिल रहे। वह अस्कोट-आराकोट 1990 और 2002 में कैलाश मानसरोवर यात्रा भी कर चुके हैं।
बेहद सौम्य, शांतचित्त साह का जन्म 1949 में आठ अगस्त को नैनीताल में हुआ था। शिक्षा-दीक्षा भी यहीं हुई। वह उत्तराखंड हिमालय, यहां की वनस्पतियों, जैव विविधता के सही अर्थ में इनसाइक्लोपीडिया हैं। साह समय समय पर उत्तराखंड के बुग्यालों, घाटियों, वनस्पतियों, जड़ी-बूटियों, संरक्षित जीव-जंतुओं के अवैध शिकार के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ चुके हैं। 

