कार्गो के वजन और आकार पर रुझान
बड़े बंदरगाहों पर संभाले जाने वाले कार्गो की संख्या 2014-15 में 581.34 मिलियन टन से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 819.23 मिलियन टन हो गई, जो 3.5% सीएजीआर की बढ़ोतरी है, जो वैश्विक मानकों से तुलना योग्य है। 2023-24 के दौरान, संभाले जाने वाले कार्गो में 33.80% द्रव्य बल्क, 44.04% शुष्क बल्क और 22.16% कंटेनर कार्गो थे। इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और क्षमता में बढ़ोतरी बड़े बंदरगाहों की निरंतर प्रक्रिया है। इसमें नए बर्थ व टर्मिनल का निर्माण, मौजूदा बर्थ व टर्मिनल का यंत्रीकरण, बड़े जहाजों को आकर्षित करने हेतु ड्राफ्ट को गहरा करने के लिए कैपिटल ड्रेजिंग, सड़क व रेल कनेक्टिविटी का विकास इत्यादि शामिल हैं। इसके साथ ही, वधवान बंदरगाह को देश में नई पीढ़ी के मेगा आकार के कंटेनर जहाजों को संभालने के लिए मेगा कंटेनर बंदरगाह के तौर पर विकसित किये जाने की मंजूरी मिली है।
बड़े बंदरगाहों, प्रादेशिक समुद्री बोर्ड, रेल मंत्रालय व सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के साथ परामर्श के आधार पर, प्रमुख और गैर-प्रमुख बंदरगाहों के लिए 107 बड़े सड़क और रेल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर रिक्तियों की पहचान की गई है और सितंबर 2022 में उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) में व्यापक बंदरगाह कनेक्टिविटी योजना (सीपीसीपी) में शामिल किया गया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य बंदरगाहों और घरेलू उत्पादन/ खपत केंद्र के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर करना है।
इसकी जानकारी केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
