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घटना सरासर अराजकता की ओर इशारा करती है

पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है

रिपोर्ट में एफआईआर पर ताज़ा स्थिति, पीड़ित बच्ची का स्वास्थ्य और पीड़ित परिवार को प्रदान किया गया मुआवजा, यदि कोई हो, शामिल है

प्रविष्टि तिथि: 11 DEC 2024 6:12PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी), भारत ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया है, जिसके मुताबिक 30 नवंबर 2024 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में कुछ बदमाशों द्वारा सात महीने की बच्चे का कथित तौर पर फुटपाथ से अपहरण कर लिया गया और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया था। बताया जा रहा है कि नन्हीं बच्ची एक बेघर माता-पिता की संतान है। वह बच्ची फुटपाथ पर लेटी हुई थी, तभी कुछ लोगों की उस पर नजर पड़ी और उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

आयोग ने समाचार रिपोर्ट की सामग्री की जांच की है और यदि इस खबर में दी गई जानकारी में सच्चाई है, तो यह बालिका के मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा उठाती है। यह घटना सरासर अराजकता की ओर इशारा करती है। असामाजिक तत्व खुलेआम घूमते हैं और बिना किसी डर के किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होते हैं।

इसलिए, आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में एफआईआर की ताज़ा स्थिति, पीड़ित बच्चे का स्वास्थ्य और पीड़ित परिवार को प्रदान किया गया मुआवजा, यदि कोई हो, उसकी जानकारी शामिल होने की उम्मीद है।

5 दिसंबर 2024 को आई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित बच्ची का कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।


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By udaen

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