सारथी 1.0 अभियान सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग भारत सरकार और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण- नालसा (एनएएलएसए) की एक संयुक्त पहल है।
इस पहल का उद्देश्य अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), ट्रांसजेंडर व्यक्ति, वरिष्ठ नागरिक, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस, सफाई कर्मचारी, कचरा बीनने वाले, मादक द्रव्यों के सेवन के शिकार और भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों सहित समाज के हाशिए पर रह रहे और कमजोर व्यक्तियों को जागरूकता कार्यक्रमों और कानूनी सहायता के संयोजन से सशक्त बनाना है। इस प्रकार यह लोग सामाजिक कल्याण विधानों और अन्य अधिनियमों के साथ-साथ सरकार के प्रशासनिक कार्यक्रमों द्वारा निश्चित तौर पर लाभ और अधिकार प्राप्त कर सकेंगे।
इस पहल का उद्देश्य लोगों को जागरूक करके और उनके अधिकारों, लाभों और हकों को पाने के लिए कानूनी सहायता प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है। इस पहल से समूहों के बीच उनके कानूनी अधिकारों, कल्याणकारी हकों और सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता की कमी को दूर करने के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
इस पहल के माध्यम से समाज के कमजोर, वंचित और हाशिए पर रह रहे वर्गों के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक सशक्तीकरण का गतिशील संतुलन हासिल करने के लिए ‘जागरूकता’ और ‘सहायता’ द्वारा व्यक्तियों को ‘सशक्त’ बनाया जाएगा। इस अभियान के तहत सभी काम जैसे शहरी और ग्रामीण आबादी को सामाजिक कल्याण योजनाओं और नीतियों की महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराना, लाभ और अधिकार प्राप्त करने में व्यक्तियों की सहायता करना और अच्छे व्यवहारों का आदान-प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदन करने के लिए किए जाएंगे।
राज्यों, जिलों और तालुकों में नालसा का मौजूदा राष्ट्रव्यापी नेटवर्क समाज के हाशिए पर रह रहे और कमजोर वर्गों के लिए जागरूकता शिविरों और सेमिनारों के आयोजन की सुविधा प्रदान करेगा और उनके अधिकारों, लाभों और हकों को प्राप्त करने के लिए कानूनी सहायता प्रदान करेगा।
