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राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान (एनआईपीसीसीडी) की कार्यकारी परिषद (ईसी) और सामान्य निकाय (जीबी) का पांच दशकों से अधिक समय के बाद पुनर्गठन

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त संगठन, राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान (एनआईपीसीसीडी) की कार्यकारी परिषद की असाधारण बैठक और सामान्य निकाय की विशेष बैठक आज 05.08.2024 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। पुरानी कार्यकारी परिषद (ईसी) और सामान्य निकाय (जीबी), जिनका गठन 1966 में हुआ था, जब राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान (एनआईपीसीसीडी) को 1860 के सोसायटी पंजीकरण अधिनियम XXI के तहत पंजीकृत किया गया था, का आज पुनर्गठन किया गया। राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान (एनआईपीसीसीडी) के संविधान के अनुसार, सामान्य निकाय (जीबी) संस्थान की समग्र नीतियां तैयार करने के लिए जिम्मेदार है और कार्यकारी परिषद (ईसी) संस्थान के प्रबंधन और प्रशासनिक मामलों के लिए उत्तरदायी है।

पुनर्गठन को महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी द्वारा अनुमोदित किया गया था। श्रीमती अन्नपूर्णा देवी पुरानी आम सभा की अध्यक्ष और कार्यकारी परिषद की अध्यक्ष हैं। सामान्य निकाय में 22 सदस्यों और कार्यकारी परिषद में 13 सदस्यों की एक छोटी संरचना को स्वीकृति दे दी गई है, जबकि पहले सामान्य निकाय में 94 सदस्य और कार्यकारी परिषद में 21 सदस्य थे।

महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) मंत्री ने राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान (एनआईपीसीसीडी) को मंत्रालय के सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों के प्रशिक्षण का नेतृत्व करने, महिला एवं बाल विकास संबंधी प्रासंगिक मुद्दों पर अनुसंधान और दस्तावेजीकरण करने, बाल मार्गदर्शन और परामर्श पर उन्नत डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के विस्तार सहित मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने और प्रमुख मिशन; मिशन पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति की वकालत में मंत्रालय का समर्थन करने का निर्देश दिया।


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By udaen

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