शून्य कार्बन उत्सर्जन
भारी उद्योग मंत्रालय वर्तमान में देश में बिजली चालित वाहनों को अपनाने में तेजी लाने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए निम्नलिखित योजनाएं लागू कर रहा है:
बिजली चालित वाहनों से आवागमन को बढ़ावा देने की योजना 2024 (इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम, ईएमपीएस) 1 अप्रैल 2024 से 31 जुलाई 2024 तक 4 महीने की अवधि के लिए 500 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ ई-2डब्ल्यू और ई-3डब्ल्यू के खरीदारों को प्रोत्साहन प्रदान करती है।
वाहन और वाहन कल-पुर्जे उद्योग (पीएलआई-एएटी) के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना का बजटीय परिव्यय 25,938 करोड़ रुपये है। यह योजना ई-2डब्ल्यू, ई-3डब्ल्यू, ई-4डब्ल्यू, ई-बस और ई-ट्रक सहित बिजली चालित वाहनों की विभिन्न श्रेणियों को भी प्रोत्साहन प्रदान करती है।
देश में उन्नत रसायन प्रकोष्ठ (पीएलआई-एसीसी) के विनिर्माण के लिए की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना का बजटीय परिव्यय 18,100 करोड़ रुपये है।
वैश्विक ईवी निर्माताओं से निवेश आकर्षित करने और भारत को ई-वाहनों के विनिर्माण गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने के लिए बिजली चालित यात्री कारों के विनिर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना।
यह जानकारी केन्द्रीय भारी उद्योग और इस्पात राज्य मंत्री श्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
