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कोटद्वार : खूनीबड़ में हुआ प्रोसेसिंग प्लांट का भूमि पूजन, स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

 

पौड़ी जनपद के लिए प्रसंस्करण संस्थान लोगों के लिए मील का पत्थर साबि होगा
कोटद्वार। वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के प्रयासों से कोटद्वार के खूनीबढ़ में आज दो करोड़ रुपये की लागत से तीन हजार लीटर दूध की दैनिक क्षमता के प्रसंस्करण संयंत्र की स्थापना हेतु भूमि का शिलान्यास किया गया। भूमि शिलान्यास कार्यक्रम के अवसर पर गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत,सहकारिता एवं दुग्ध मंत्री धन सिंह रावत, राजेन्द्र अणथ्वाल राज्य मंत्री सहित भारी तादात में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने इस दूध के प्लांट को पौड़ी जनपद के लिये मील का पत्थर बताया। कोटद्वार से जो दूध श्रीनगर प्लांट में जाता था और फिर रिसाइक्लिंग होकर वापस कोटद्वार आता था। इस प्लांट के बनने से कोटद्वार एक लाख रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा और शुद्ध दूध,पनीर,मट्ठा कोटद्वार तथा आसपास के लोगों को आसानी से उपलब्ध हो पायेगा। वंही दुग्ध मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने बताया कि यह प्लांट दस महीनों के अंदर बनकर तैयार होगा जिसमें प्रतिदिन तीन हजार लीटर दूध कोटद्वार को उपलब्ध हो पायेगा।

कोटद्वार, राज्य के सहकारिता एवं दुग्ध विकास मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कोटद्वार के खूनीबड़ में दो करोड़ की लागत के प्रोसेसिंग प्लांट का भूमि पूजन किया। इस प्रोसेसिंग प्लांट के बनने के बाद सैकड़ों लोगों को यहां पर रोजगार मिलेगा। वहीं डेरी संचालकों को भी इससे लाभ मिलेगा। इस प्लांट में रोजाना तीन हजार लीटर दूध प्रोसेसिंग होगा, जिससे घी, दूध, पनीर, मावा और मक्खन इत्यादि बनेगा। खूनीबड़ प्रोसेसिंग प्लांट के भूमि पूजन के मौके पर धन सिंह रावत के साथ मंत्री डॉ हरक सिंह रावत और गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत भी मौजूद रहे। इस मौके पर धन सिंह रावत ने कहा कि, कार्यदायी संस्था को 100 प्रतिशत धन की स्वीकृति कर दी गयी है। कार्यदायी संस्था को यह भी बताया गया है कि, दुग्ध संघ को दस महीने के भीतर भवन निर्माण चाहिए। भवन निर्माण के एक महीने के अंतर्गत सीताबपुर चिलिंग प्लांट को खूनीबड़ में शिफ्ट कर दिया जाएगा। प्लांट के बनने के बाद सैकड़ों लोगों को यहां पर रोजगार मिलेगा।

इस दौरान दुग्ध एवं सहकारी मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि, इस प्लांट की लागत दो करोड़ है। उन्होंने बताया कि, इस प्लांट में रोजाना तीन हजार लीटर दूध प्रोसेसिंग होगा। कोटद्वार के लिए यह बहुत ही बड़ा क्रांतिकारी निर्णय है।उन्होंने कहा कि, इस काम के लिए उन्होंने कार्यदायी संस्था को पूरा पैसा दे दिया है। धन सिंह रावत ने कहा कि, उन्होंने कोटद्वार क्षेत्र में तीन हजार पांच सौ (3500) लोगों को डेरी देने का निर्णय लिया है जो कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने की ओर एक बड़ा कदम है।


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By udaen

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