असी गंगा घाटी के युवा अब बर्ड वॉचिंग को बना सकते हैं अपना रोजगार
असी गंगा घाटी के युवा अब बर्ड वॉचिंग को अपना स्थायी रोजगार बना सकते हैं। रंग बिरंगे व दुर्लभ पक्षियों के लिए मूलभूत सुविधाओं के अभाव में मात्र शौकिया तौर पर बर्ड वॉचिंग कर रहे युवा अब वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना की मदद से कैमरा, दूरबीन आदि महंगे उपकरण खरीदकर अपने व्यवसाय को विस्तार दे सकते हैं।दुर्लभ प्रजातियों के देशी विदेशी पक्षियों को देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक भटवाड़ी ब्लॉक के असी गंगा घाटी क्षेत्र में पहुंचते हैं, जिन्हें गाइड के तौर पर सहयोग देकर कई युवा थोड़ी बहुत कमाई भी करते हैं। हालांकि इस विधा के लिए जरूरी अनुभव व ज्ञान होने के बावजूद यह व्यवसाय फल फूल नहीं रहा, जिसका मुख्य कारण बर्ड वॉचिंग के लिए जरूरी दूरबीन, डिजीटल कैमरे आदि महंगे उपकरणों की कमी है।
योजना की मदद से स्थानीय युवा कैमरे, दूरबीन आदि महंगे उपकरण खरीदकर बर्ड वॉचिंग को स्थायी रोजगार बना सकते हैं अनुभवी गाइड के साथ बर्ड वॉचिंग करने के लिए वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर, पक्षी प्रेमी व विशेषज्ञ लाखों रुपये खर्च करते हैं। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना में अब बर्ड वॉचिंग, कयाक व बोटिंग, माउंटेन बाइकिंग, स्टार गेजिंग, ट्रेकिंग व एंगलिंग के लिए जरूरी उपकरणों की खरीद पर सब्सिडी लोन की सुविधा है। साथ ही हर्बल गार्डन, फ्लोटिंग होटल, बेकरी, लॉड्री, कैरावैन (मोटर होम टूरिज्म), संग्राहलय व सोविनियर शॉप की स्थापना के लिए भी सब्सिडी मिलेगी।

