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प्रदेशवासियों को रोजगार के अवसर प्रदान करना हमारी शीर्ष प्राथमिकताओं में : सीएम

 मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की तीसरी बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग द्वारा प्रस्तुत जनपद टिहरी की रिपोर्ट का विमोचन किया।

मुख्यमत्री ने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेशवासियों को रोजगार के अवसर प्रदान करना हमारी शीर्ष प्राथमिकताओं में हैं। यह भी आकलन किया जाए कि उत्तराखंड में जो प्रवासी उत्तराखंडी आये हैं, उनमें से कितने लोग प्रदेश में रहकर ही रोजगार करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के लिए महिलाओं को बैंक से लोन लेने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए भूमि खाताधारक के साथ उनकी पत्नी का नाम भी शामिल किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत प्रदेशवासियों को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे। इसकी भी पूरी स्टडी की जाए कि किन क्षेत्रों में कार्य करने के लिए लोग अधिक रूचि दिखा रहे हैं। लोगों की आमदनी में कैसे वृद्धि की जा सकती है, किन क्षेत्रों में रोजगार की अधिक संभावना है। इसकी पूरी स्टडी की जाए। जो गांव अभी तक सड़क की सुविधाओं से नहीं जुड़ पाए हैं और जिन गांवों में पेयजल की समस्या है, उनको भी चिहि्नत किया जाय। हमें स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उसकी, पैकेजिंग एवं मार्केटिंग की दिशा में भी विशेष प्रयास करने होंगे। ग्रामीण क्षेत्र की योजनाओं एवं जन कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में और तेजी से कार्य करने की जरूरत है। चाल-खाल के निर्माण की दिशा में राज्य में तेजी से कार्य हो रहे हैं। जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में हमें प्रयास करने होंगे।

उपाध्यक्ष ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग डॉ. एसएस नेगी ने अवगत कराया कि आयोग द्वारा अब तक तीन रिपोर्टें राज्य सरकार को प्रस्तुत की गई हैं, जिसमें पलायन को कम करने के लिए सिफारिशें दी गई हैं। आयोग द्वारा जनपद अल्मोड़ा के ग्राम पंचायतों में पलायन के विभिन्न पहलुओं पर अंतरिम रिपोर्ट जून 2019 प्रस्तुत की गई। सितंबर 2019 में ग्राम्य विकास के क्षेत्र में योजनाओं एवं कार्यक्रमों का विश्लेषण एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए आयोग द्वारा सिफारिशें राज्य सरकार को प्रस्तुत की गई। जनपद पिथौरागढ़ के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास को सुदृढ़ बनाने एवं पलायन को कम करने से संबंधित रिपोर्ट आयोग द्वारा अक्टूबर 2019 में सरकार के समक्ष प्रस्तुत की गई।

ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग द्वारा आज जनपद टिहरी गढ़वाल के ग्रामीण क्षेत्रों पर आधारित रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। आयोग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर बैठकें आयोजित की गई एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद किया गया। जनपद टिहरी की रिपोर्ट में विकास खंड वार सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों का विश्लेषण एवं रूझान, पलायन की स्थिति, वर्तमान ग्रामीण सामाजिक-आर्थिक विकास कार्यक्रमों के बारे में विश्लेषण तथा सिफारिशें की गई हैं।

बैठक में जानकारी दी गई कि आगामी वर्ष में जनपद चमोली, रुद्रप्रयाग एवं बागेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन और सबंधित आर्थिक एवं सामाजिक मुद्दों के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण कर सामाजिक-आर्थिक विकास को सुदृढ़ बनाने एवं पलायन को कम करने पर रिपोर्ट तैयार की जायेगी। कोविड-19 के प्रकोप के बाद उत्तराखंड राज्य में पर्वतीय जनपदों में घर लौटे प्रवासियों के आर्थिक पुनर्वास के लिए सिफारिशें राज्य सरकार को प्रस्तुत करना आयोग की प्राथमिकता है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती मनीषा पंवार, मुख्यमंत्री के तकनीकि सलाहकार नरेंद्र सिंह, आर्थिक सलाहकार आलोक भट्ट, अपर आयुक्त ग्राम्य विकास रोशन लाल, उपायुक्त ग्राम्य विकास एके राजपूत आदि उपस्थित थे।


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By udaen

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