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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकारी एजेंसियां, पब्लिक सेक्टर अडरटेकिंग और बड़े उद्योगों को एमएसएमई को 5 लाख करोड़ रुपये का भुगतान करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने फैसला किया है कि मंत्रालय और पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग 45 दिन के अंदर अपना पूरा भुगतान कर देगा।

गडकरी ने सोमवार को कोलकाता चैंबर ऑफ कामर्स के सदस्यों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बातचीत के दौरान ये बात कही। गडकरी ने कहा कि राज्य सरकारों, उनके मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, भारत सरकार, उसके मंत्रालयों तथा उपक्रमों एवं बड़े उद्योगों पर कुल मिलाकर एमएसएमई का 5 लाख करोड़ रुपये बकाया है।

उन्होंने कहा कि एमएसएमई का जो पैसा राज्य सरकारों, मंत्रालयों और पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग के पास फंसे हैं उनका पूरा भुगतान करना है, जिससे कि लघु एवं मध्यम उद्योग और गति पकड़ सके। गडकरी ने बताया कि उन्होंने राज्य सरकारों से भी कहा है कि उनके विभागों के पास पड़ा बकाया तुरंत चुका दिया जाए।

उल्‍लेखनीय है कि बड़े उद्योगों के साथ बातचीत के दौरान भी गडकरी कई बार याद दिला चुके हैं कि वे माइक्रो, स्मॉल ऐंड मीडिया एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) का बकाया भुगतान कर दें। उन्होंने कहा कि सरकार ने एनबीएफसी को मजबूत करने का लक्ष्य रखा है, क्योंकि फाइनेसिंग में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ‘ग्रामीण उद्योग’ विकसित करना चाहती है, जो कि एमएसएमई पर आधारित होगा।


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By udaen

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