मेरा गाँव मेरी धरोहर योजना के तहत 6.38 लाख गाँव की सांस्कृतिक मानचित्रण किया गया
मेरा गाँव मेरी धरोहर योजना के तहत 6.38 लाख गाँव की सांस्कृतिक मानचित्रण किया गया PIB Delhi देश भर में…
खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने और नुकसान कम करने के लिए पहल
खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने और नुकसान कम करने के लिए पहल खाद्य प्रसंस्करण और भंडारण में सुधार के लिए…
एफपीओ सशक्तिकरण योजना
एफपीओ सशक्तिकरण योजना पीएमकेएसवाई: विकास, समर्थन, सशक्तिकरण PIB Delhi प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) मांग आधारित केंद्रीय योजना है। इसके…
सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध दस्तावेजों का डिजिटलीकरण
सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध दस्तावेजों का डिजिटलीकरण PIB Delhi राष्ट्रीय ई-शासन योजना के अंतर्गत भारतीय न्यायपालिका में सूचना और संचार…
न्यायिक परिवेशों में दिव्यांगजन की पहुंच
न्यायिक परिवेशों में दिव्यांगजन की पहुंच PIB Delhi सरकार ने दिव्यांगजन समेत आम आदमी को किफायती, गुणवत्तापूर्ण और तेज विधिक सेवाएं…
नीति आयोग ने “भारत को एक अग्रणी क्वांटम-संचालित अर्थव्यवस्था में बदलने” से संबंधित एक रोडमैप जारी किया
नीति आयोग ने “भारत को एक अग्रणी क्वांटम-संचालित अर्थव्यवस्था में बदलने” से संबंधित एक रोडमैप जारी किया PIB Delhi नीति…
श्रम संहिताओं से बीओसीडब्ल्यू वेलफेयर संरचना में बदलाव
श्रम संहिताओं से बीओसीडब्ल्यू वेलफेयर संरचना में बदलाव PIB Delhi प्रमुख बातें कोई भी नियोक्ता किसी भी कर्मचारी को न्यूनतम वेतन से कम वेतन नहीं देगा।न्यूनतम वेतन निर्धारित किया जाएगा और समय पर वेतन भुगतान का प्रावधान होगा।निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच, प्रवासी श्रमिकों के लिए लाभों की पोर्टेबिलिटी होगी और लैंगिक भेदभाव समाप्त किया जाएगा।नियुक्ति पत्रों के माध्यम से कार्य को औपचारिकता मिलेगी। चार संहिताएं, एक सुव्यवस्थित प्रणाली नवीनतम श्रम सुधारों के साथ, भारत ने सभी क्षेत्रों में श्रम प्रशासन को सुदृढ़ किया है। श्रम संहिताएं, जैसे वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता 2020 (ओएसएच), भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक (बीओसीडब्ल्यू) क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विशेष महत्व रखती हैं, क्योंकि यहां कार्यबल बहुत बड़ा है और निर्माण गतिविधि जटिल और स्थल-आधारित है। ये सुधार वेतन संरक्षण, कार्यस्थल सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और औपचारिक दस्तावेजीकरण को एक एकीकृत दृष्टिकोण में लाते हैं। इसके चलते, निर्माण श्रमिक अधिक सुसंगत कार्य मानकों,…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग 10 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में मानवाधिकार दिवस को याद करने के लिए एक समारोह आयोजित करेगा
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में समारोह को संबोधित करेंगी ‘दैनिक आवश्यकताएं सुनिश्चित करना: सभी के लिए…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग 10 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में मानवाधिकार दिवस को याद करने के लिए एक समारोह आयोजित करेगा
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में समारोह को संबोधित करेंगी ‘दैनिक आवश्यकताएं सुनिश्चित करना: सभी के लिए…
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्री य दिव्यां गजन दिवस पर दिव्यांगों के लिए सम्मान, पहुंच और अवसर सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्री य दिव्यां गजन दिवस पर दिव्यांगों के लिए सम्मान, पहुंच और अवसर सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई…
गजल्ड में गुलदार के हमले की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मौके पर
कार्यालय जिला सूचना अधिकारी, पौड़ी गढ़वाल जिलाधिकारी ने मृतक के परिवार से की मुलाकात, कहा, दुख की इस घड़ी में…
बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025
PIB Headquarters भारत में नए युग की बैंकिंग की ओर कदम PIB Delhi प्रमुख बातें जमाकर्ताओं को अपनी पसंद के अनुसार जमा और लॉकर के लिए नॉमिनी को नामित करने की सुविधा मिलेगी।पब्लिक सेक्टर बैंकों में सुदृढ़ प्रशासनिक मानक और बेहतर ऑडिट गुणवत्ताबिना दावे वाली धनराशि को विनिधानकर्ता शिक्षा और संरक्षण निधि में स्थानांतरित किया जाएगाअधिक पारदर्शिता के लिए आधुनिक सीमा और रिपोर्टिंग मानकों के साथ अपडेटेड नियामक मानदंड। प्रस्तावना किसी देश की आर्थिक सफलता काफी हद तक उसकी वित्तीय प्रणाली पर निर्भर करती है। आमतौर पर, बैंकिंग संस्थान कई तरह की सेवाएं, जैसे जमा स्वीकार करना, लोन देना, लेन-देन में मदद करना, और जनता को क्रेडिट कार्ड, बचत खाते और लोन सहित विभिन्न वित्तीय सुविधाएं प्रदान करना, प्रदान करते हैं। भारत की बैंकिंग प्रणाली निवेश और व्यक्तिगत वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है और इसलिए, देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत के बैंकिंग क्षेत्र में वास्तव में विशेष बदलाव आया है, जो कागज-आधारित, शाखा-केंद्रित प्रणाली से प्रमुख तकनीकी और नीतिगत उपलब्धियों की मदद से कार्यान्वित एक अग्रणी डिजिटल परिदृश्य में विकसित हुआ है। इसने पारंपरिक बैंकिंग और प्रारंभिक कंप्यूटरीकरण से बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली – आधार – तक का रूपांतरण किया है और प्रधानमंत्री जन–धन योजना के जरिए लाखों बैंकिंग सेवाओं से वंचित लोगों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली में शामिल किया है। सरकार की ऐसी पहलों ने शहरी और ग्रामीण आबादी के बीच की खाई को पाटकर और लाखों लोगों तक औपचारिक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाकर वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहन देने में बड़ी भूमिका निभाई है। बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025, पब्लिक सेक्टर बैंकों (पीएसबी) में बेहतर ऑडिट गुणवत्ता के साथ-साथ भारतीय रिजर्व बैंक को बैंकों की ओर से रिपोर्टिंग में एकरूपता तय करके बैंकिंग क्षेत्र में शासन मानकों को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। यह अधिनियम बेहतर नामांकन सुविधाओं के माध्यम से ग्राहक सुविधा को बढ़ावा देकर जमाकर्ताओं और निवेशकों की सुरक्षा को बेहतर करता है।…
Banking Laws (Amendment) Act, 2025
Step Towards New Age Banking in India Posted On: 04 DEC 2025 11:46AM by PIB Delhi Key TakeawaysDepositors to get flexibility…
Nanoplastics from single-use PET bottles harm gut bacteria and human Cells
Posted On: 04 DEC 2025 11:35AM by PIB Delhi A new study provides the first clear evidence that nanoplastics derived…
पौड़ी जनपद के तीन खिलाड़ियों का अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज फुटबॉल टीम में चयन, जिले के लिए गौरव का क्षण
कार्यालय जिला सूचना अधिकारी, पौड़ी गढ़वाल सूचना/पौड़ी/04 दिसंबर 2025:पौड़ी जनपद ने एक बार फिर खेल क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता का…

