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प्रकृति को आम आदमी की आमदनी का जरिया बनाया जाए तो वन और बढ़ेंगे। प्रकृति को बचाना है और वनों को बढ़ाना है तो इस विषय पर गंभीरता से चिंतन करना होगा। वन विभाग की ओर से आयोजित बिरही प्रकृति महोत्सव में पर्यावरणविदें ने यह बातें कहीं।

मंगलवार को बदरीनाथ वन प्रभाग की ओर से बिरही में आयोजित दो दिवसीय बिरही प्रकृति महोत्सव में वन विभाग के अधिकारियों के अलावा पर्यावरणविदें ने विचार रखे। पर्यावरणविद् जगत सिंह चौधरी जंगली ने कहा कि वन विभाग और आम आदमी के बीच दूरी क्यों बढ़ती जा रही है यह सोचने का विषय है। वन विभाग को ऐसी योजनाएं शुरू करनी चाहिए, जिससे आम आदमी उससे सीधे जुड़ सके। उन्होंने कहा कि 70 प्रतिशत वन भूमि वाले उत्तराखंड के प्रति दशकों बाद लोगों का नजरिया बदलेगा। रिटायर्ड आईएफएस आरके शुक्ला ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण तभी है जब जंगल बचेंगे। इसके लिए वृहद स्तर पर काम करने की जरूरत है। त्रिलोक चंद सोनी उर्फ वृक्ष मित्र ने कहा कि हमें बच्चे के जन्म पर, शादी पर या अन्य विशेष अवसरों पर पौधे जरूर लगाने चाहिए ताकि हम उसकी पूरी देखरेख कर सकें। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के डीएफओ लक्ष्मण सिंह रावत ने कहा कि प्रकृति को रोजगार से जोड़ने की जरूरत है। होम स्टे, बर्ड वॉचिंग, हट, ट्रेकिंग आदि की यहां बेहतर संभावनाएं हैं। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान, केदारनाथ वन प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर आदि मौजूद थे।
गीतों से दिया पेड़ बचाने का संदेश
गोपेश्वर। लुहां गांव की महिलाओं और जीजीआईसी गोपेश्वर की छात्राओं ने गीतों के जरिए पेड़ बचाने का संदेश दिया। महिलाओं ने सैरा भैबंद सूणी ल्यावा सूखी धरती में डाला लगा वा और ये जमीन ए आसमान प्रकृति की है देन… आदि गीतों से संदेश देने का प्रयास किया। वहीं छात्राओं ने पोस्टर प्रदर्शनी और वन विभाग ने पहाड़ की पुरानी वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई थी।
महोत्सव में न बुलाने पर नाराजगी
गोपेश्वर। बिरही प्रकृति महोत्सव को लेकर ग्राम पंचायत बिरही ने नाराजगी जताई। बिरही के ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह राणा का कहना है कि हमारे क्षेत्र में महोत्सव आयोजित किया जा रहा है लेकिन बिरही ग्राम पंचायत को इसमें आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि दूसरे गांव के लोगों को इसमें बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि हम भी जंगल से जुड़े लोग हैं, हमारे यहां भी पर्याप्त मात्रा में वन भूमि है। यदि उनके गांव के लोग भी इसमें प्रतिभाग करते तो उनको भी इसका लाभ होता।


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By udaen

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