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CAB: क्या सुप्रीम कोर्ट में टिक पाएगा नागरिकता संशोधन बिल? पढ़ें क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट – Citizenship amendment bill expert opinion supreme court modi government amit shah constitution

  • नागरिकता संशोधन बिल संसद के दोनों सदनों में पास
  • सुप्रीम कोर्ट में बिल के खिलाफ दायर की गई याचिका
  • एक्सपर्ट्स ने भी उठाए हैं बिल पर सवाल

अनुच्छेद 370, अयोध्या रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के बाद मोदी सरकार जिस तरह नागरिकता संशोधन बिल को लेकर आगे बढ़ी है उसने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है. विपक्ष के विरोध के बावजूद नागरिकता संशोधन बिल को संसद के दोनों सदनों से पास करा दिया गया है, लेकिन अब ये मामला सर्वोच्च अदालत में पहुंत गया है. कांग्रेस सांसदों ने संसद में भी इस बात का जिक्र किया है कि ये बिल संविधान का उल्लंघन है और अदालत में नहीं टिकेगा.

ऐसे में क्या नागरिकता संशोधन बिल कानूनी मसले में टिक पाएगा? क्या ये संविधान का उल्लंघन करता है? ऐसे ही कई सवालों पर कानूनी एक्सपर्ट्स की क्या राय है, यहां जानें…

लॉ कमीशन और नीति आयोग के पूर्व मेंबर प्रोफेसर मूलचंद शर्मा का इस बिल को लेकर कहना है, ‘अगर इस बिल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पास करने की बजाय सुप्रीम कोर्ट के हवाले कर दें तो ठीक होगा. धर्म के आधार पर नागरिकता की बहस 1950, 1971 में हुई थी लेकिन संसद ने इसे नकार दिया था. हम आज क्या कर रहे हैं, ये (CAB) धर्म के आधार पर वर्गीकरण है’.

प्रोफेसर शर्मा ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने अपने कई जजमेंट में कहा है कि राइट टू डिग्निटी एक फंडामेंटल राइट है. नैतिक मूल्यों को पहले भी परिभाषित किया जा चुका है, लेकिन आप उसे छीन रहे हो.’

‘संविधान के कई नियमों का उल्लंघन’


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By udaen

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