उत्तराखंड समेत देश के विभिन्न राज्यों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष से केंद्र सरकार भी चिंतित है। इस संघर्ष से पार पाने के लिए अब ‘नेशनल एक्शन प्लान’ तैयार किया जा रहा है। वन और पर्यावरण मंत्रालय ने एक्शन प्लान को लेकर मंथन के लिए 18 और 19 सितंबर को ऋषिकेश में बैठक बुलाई है। इसमें देश के सभी राज्यों के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (सीडब्ल्यूएलडब्ल्यू) समेत अन्य वनाधिकारी शिरकत करेंगे।
एक्शन प्लान के तहत नीति, क्षमता विकास, लैंडस्केप स्तर पर पायलट प्रोजेक्ट, संघर्ष थामने को नवीन तकनीकी का उपयोग, जनसहभागिता जैसे बिंदुओं पर गहनता से मंथन होगा। 71 फीसद वन भूभाग वाले उत्तराखंड में मानव और वन्यजीवों के बीच छिड़ी जंग अब चिंताजनक स्थिति में पहुंच गई है। गुलदार, बाघ, हाथी, भालू जैसे जानवर जहां खतरे का सबब बने हैं, वहीं बंदर, लंगूर, वनरोज जैसे जानवरों ने भी नींद उड़ाई हुई है। मनुष्य और वन्यजीवों के बीच चल रहे इस संघर्ष में दोनों को ही कीमत चुकानी पड़ रही है। ऐसी ही स्थिति देश के अन्य राज्यों में भी है।
