सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा की, किसानों को सहकारी ऋण सुविधाओं से जोड़ने पर जोर
देहरादून, 15 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड में किसानों को सहकारी ऋण सुविधाओं से जोड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए नवंबर माह में प्रदेश के सभी 95 विकासखंडों में किसान ऋण मेले आयोजित किए जाएंगे। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को इन मेलों की तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने 22 अक्टूबर तक तैयारियों और संबंधित योजनाओं की प्रगति की दोबारा समीक्षा करने को कहा है।
यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय आवास पर आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री ने पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन, विभिन्न योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने को कहा।
किसान ऋण मेलों में योजनाओं की मिलेगी जानकारी
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि किसान ऋण मेलों का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को सहकारी ऋण सुविधाओं से जोड़ना और उन्हें विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन आयोजनों के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं।
बैठक में किसान समृद्धि कार्ड बनाने की प्रगति, इफको टोकियो के माध्यम से सहकारी क्षेत्र में बीमा सुविधाओं की स्थिति तथा भारत सरकार की ‘धरती माता’ मृदा परीक्षण योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार की सहकारिता संबंधी योजनाओं के प्रचार-प्रसार की स्थिति पर भी चर्चा हुई।
22 अक्टूबर तक होगी तैयारियों की समीक्षा
सहकारिता मंत्री ने सचिव सहकारिता को निर्देश दिए कि 22 अक्टूबर तक किसान ऋण मेलों और संबंधित योजनाओं की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाए। इससे पहले सचिव को सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रगति का आकलन करने को कहा गया है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी तैयारियां पूरी करनी होंगी। अगली समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति, प्रस्तावित गतिविधियों और आगामी कार्ययोजना की स्पष्ट जानकारी प्रस्तुत की जानी चाहिए।
केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की बैठक के लिए एजेंडा तैयार करने के निर्देश
बैठक में नवंबर माह में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की प्रस्तावित बैठक को लेकर भी चर्चा हुई। डॉ. रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले एजेंडे से संबंधित सभी जानकारियां, अद्यतन प्रगति रिपोर्ट और विभागीय प्रस्ताव समय से तैयार कर लिए जाएं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र के विकास और किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित निगरानी और जवाबदेही जरूरी है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद, निबंधक सहकारी समितियां डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अनु सचिव सुरेंद्र दत्त बेलवाल, अपर निबंधक ईरा उप्रेती और आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, एम.पी. त्रिपाठी और रविंद्री मंदरवाल, उप निबंधक मोनिका चुनेरा एवं राजेश चौहान तथा राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक प्रदीप मेहरोत्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु: नवंबर में 95 विकासखंडों में किसान ऋण मेले प्रस्तावित हैं। तैयारियों की समीक्षा 22 अक्टूबर तक की जानी है। हालांकि, ऋण मेलों के माध्यम से कितने किसानों को ऋण दिया जाएगा, ऋण की सीमा क्या होगी और किन योजनाओं के तहत लाभ मिलेगा, इसकी जानकारी अभी जारी विवरण में नहीं दी गई है।
