शु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा गौवंशीय एवं पशु तस्करी पर प्रभावी नियन्त्रण हेतु ठोस कार्यवाही करना सुनिश्चित करें साथ ही यह भी सुनिष्चित करें कि पषु क्रूरता रोकथाम हेतु बनाये गये विभिन्न अधिनियमों के उपबंधों के संबध में अधिक से अधिक जनजागरूकता की जाय यह बात जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने पषु क्रूरता निवारण समिति बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा गौवंशीय एवं पशु तस्करी पर प्रभावी नियन्त्रण हेतु ठोस कार्यवाही करना सुनिश्चित करें साथ ही यह भी सुनिष्चित करें कि पषु क्रूरता रोकथाम हेतु बनाये गये विभिन्न अधिनियमों के उपबंधों के संबध में अधिक से अधिक जनजागरूकता की जाय यह बात जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने पषु क्रूरता निवारण समिति बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में मुख्य पषुचिकित्साधिकारी डाॅ उदय षंकर द्वारा स्लााईड षो के माध्यम से समिति के सदस्यांे को पषु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 परिवहन तथा कृशि पषुओं पर क्रूरता अधिनियम 1965 समेत उत्तराखंड गोवंष संरक्षण अधिनियम 2007 आदि अधिनियमांे के बारे में विस्तारपूर्वक सदन को अवगत कराया। उन्होंने जनपद स्तर पर पषु कल्याण हेतु किये जा रहे विभिन्न कार्यो एवं निराश्रित पषुओं हेतु किये गये कार्यो से सदन को अवगत कराया। सदन की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य पषुचिकित्साधिकारी को निर्देषित करते हुए कहा कि वर्तमान में निराश्रित पषुओं की संख्या को कम करने के लिए यह आवष्यक है कि जनपद की समस्त पषुओं की टैकिंग की जाय साथ ही जनपद मे पषुओं की जन्म एवं मृत्यु के संबध में पंजीकाओं का निर्माण किया जाय जिसमें संबन्धित पषुओं के स्वामियों को विस्तृत रूप से उल्लेख हो। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से यह पहचान करना आसान होगा कि किस पषुपालको के द्वारा अपने पषुओं को निराश्रित छोडा गया हैं। उन्होंने अधि0अधि0 नगर पालिका को निर्देषित करते हुए कहा कि वे पषुपालन विभाग के साथ मिलकर पषुओं की टैंकिंग एवं पंजीकरण की कार्यवाही करना तीव्र गति से संचालित करना सुनिष्चित करें साथ ही ऐसे व्यक्ति जो अपने पषुओं को निराश्रित छोडते है उनकी पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही सुनिष्चित की जाय। उन्होंने यह भी निर्देष दिये कि पषु विभाग पषु क्रूरता के संबध में बनाये गये विभिन्न नियमों के बारे में अधिक से अधिक जनजागरूकता अभियान, गोश्ठी, निबंध प्रतियोगिताओं का अयोजन किया जाय ताकि जनसामान्य को इन नियमों के बारे में अवगत कराते हुए इनका अनुपालन कराना सुनिष्चित किया जा सकंे। पषु पर क्रूरता न हो इसके लिए अधिक से अधिक जनजागरूकता हेतु षिक्षा विभाग को निर्देषित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पषु क्रूरता अधिनियम के महत्वपूर्ण उपबंधों को प्रार्थना सभा एवं अन्य महत्वपूर्ण सभाओं में सम्मिलित किया जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि पषु क्रूरता निवारण हेतु यह आवष्यक है कि विभिन्न अधिनियमों एवं मा0 न्यायालय के निर्णयांें के अनुरूप संबधित सभी विभाग नियमानुसार कार्यवाही करते हुए निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन करना सुनिष्चित करें। जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को निर्देषित करते हुए कहा कि पषुओं के परिवहन एवं अन्य विभिन्न पहलुओं से संबधित निर्धारित नियमों के अनुरूप आवष्यक कार्यवाही करना सुनिष्चित करें ताकि पषु क्रूरता निवारण हेतु बनाये गये विभिन्न अधिनियमों का धरातली रूप में अनुपालन सुनिष्चित हो सकें। बैठक में उत्तराखंड गो सेवा आयो के उपाध्यक्ष पं0 राजेन्द्र अणथ्वाल ने कहा कि प्रदेष सरकार राज्य में पषु धन को संरक्षित एवं संवद्धित करने एवं पषुपालको को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि आयोग पूरा प्रयास कर रहा है कि गो वंषीय पषुओ को सडको पर बेसहारा न रखा जाय साथ ही गो सेवा सदनों को आत्मनिर्भर भी बनाया जाय। उन्होंने कहा कि सभी गो वंषी पषुओं का रजिस्टर अवष्य बनाया जाय जिससे पषुओं की गणना का सही बता चल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेष में केवल 22 गोषालायें ही पंजीकृत है जिनका जल्द ही विस्तार कर संख्या बढायी जायेगी। उन्होंने कहा कि पषु क्ररता को राकेने के लिए अधिक से अधिक प्रचारप्रसार किया जाय जिसमें विभिन्न गोश्ठीयों आदि का आयोजन किया जाय। जिलाधिकरी ने मा0 उपाध्यक्ष गो सेवा आयोग से अनुरोध भी किया कि गोषालाओं के संचालन एवं रखरखाव हेतु विस्तृत नियमों का निर्माण किया जाय ताकि गोषालाओं का संचालन सरल हो सकें साथ ही निराश्रित पषुओं की समस्या का समाधान भी सुनिष्चित हो सकें। बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रीति प्रियदर्षिनी, प्रभागी वनाधिकारी मंयक षेखर झां, मुख्य विकास अधिकारी एस.एस.एस.पांगती, सदस्य पंकज पांडे नागरिक मंच, नंदा बल्लभ पांडे, उपजिलाधिकारी बागेष्वर राकेष चन्द्र तिवारी, काण्डा योगेन्द्र सिंह, अधि0अभि0 नगर पालिका बागेष्वर राजदेव जायसी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अरूण बर्थवाल, जिला पूर्ति अधिकारी अरूण कुमार वर्मा आदि मौजूद थे।
