जिलाधिकारी सी रविशंकर की अध्यक्षता में डिस्पैंसरी रोड स्थित राजीव गांधी काम्पलैक्स भवन में तहसील दिवस का आयेाजन किया गया।
जिलाधिकारी सी रविशंकर की अध्यक्षता में डिस्पैंसरी रोड स्थित राजीव गांधी काम्पलैक्स भवन में तहसील दिवस का आयेाजन किया गया। तहसील दिवस में जिलाधिकारी ने जिला योजना की प्रगति की समीक्षा और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली और अधिक जनकेन्द्रित करने के लिए अपनायी जाने वाली सुधारात्मक प्रक्रियाओं को भी पूर्ण करने के जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिये। तहसील दिवस में इस दौरान विभिन्न विभागों से सम्बन्धित 33 शिकायती आवेदन प्राप्त हुए जिसमें अधिकतर प्रकरण जमीनजायदाद से जुडे़ हुए थे। जिलाधिकारी ने सामने आये प्रकरणों पर उपस्थित भारित अधिकारी से प्रकरण के निस्तारण न होने के कारण पूछे और निर्धारित समयाविधि के उसको निर्धारित करने के निर्देश दिये। उन्होंने न्यायालय से सम्बन्धित मामलों को छोड़कर अधिकतर शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण करवाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने इस दौरान उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को प्रत्येक तहसील में तहसील दिवस का आयोजन किया जायेगा, जिसमें जनता की विभिन्न शिकायतों को अनिवार्य रूप से सुनकर उसका निस्तारण करवाया जायेगा। प्रत्येक विभाग के अधिकारी सम्बन्धित तहसीलों में जनता के प्रकरणों की सुनवाई पूर्ण करने हेतु उपस्थित होने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि वे स्वयं भी जनपद के किसी भी तहसील में उपस्थित होकर जनता की समस्याओं पर सुनवाई करते हुए उसका निस्तारण करेंगे। जिलाधिकारी ने जल संरक्षण अभियान की समीक्षा के दौरान सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी विभाग अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय भवन में इस माह के अन्त तक (31 अगस्त 2019) वर्षा जल संग्रहण प्रणाली लगा लें और इस सम्बन्ध में किसी भी तरह के तकनीकी सहयोग हेतु अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान नमित रमोला से समन्वय कर सकते हैं साथ ही जल संरक्षण प्रणाली का शीघ्रता से प्रस्ताव बनाकर उस पर अमल करने के निर्देश दिये। जिला योजना में प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिये कि जिन विभागों ने अपना बजट रिलिज नही करवाया वे रिलिज करवालें और उसकी खर्च प्रगति बढायें अगली समीक्षा बैठक में जिला योजना तथा बीस सूत्रीय कार्यक्रम की प्रगति देखी जायेगी। उन्होंने विभिन्न विभागों को उनके यहां किसी भी कार्य करने हेतु यदि किसी कारण अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकता हो तो उस कार्य को सीएसआर (कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) फण्ड से करवाने हेतु मुख्य विकास अधिकारी को तत्काल प्रस्ताव प्रेषित करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय काॅलानियों में अनिवार्य रूप से जौविक और अजैविक कूड़े को सेपरेट तरीके से नगर निगम के वाहन अथवा कूड़ेदान में रखने के निर्देश दिये साथ ही नगर निगम को भी जैविक और अजैविक कूड़े को सैपरेट तरीके से ले लाने हेतु गाड़ी के अलगअलग पार्टिशन करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने शिक्षा विभाग, बाल विकास विभाग, चिकित्सा विभाग और पुलिस विभाग को निराश्रित व गरीब बच्चों को मुख्यधारा में लाने हेतु चलाया गया इनिशिएटिव ‘उन्मूक्ति अभियान’ के तहत ऐसे बच्चों की पहचान करते हुए उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और काउंसिलिंग कराकर मुख्यधारा में लाने हेतु परस्पर समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने लोगों को जन कल्याणकारी योजनाओं का अधिक और समुचित लाभ देने तथा उनकी शिकायतों के त्वरित समाधान हेतु भ्रष्टाचार रोकथाम, सीएम हेल्पलाइ्रन और सेवा का अधिकार अधिनियम को गम्भीरता से लेते हुए इसके प्रावधानों के अनुरूप आने कार्यालयों और कार्यों का बेहतर प्रबन्धन करने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि ईडिस्ट्रिक्ट मैनेजर देहरादून से समन्वय स्थापित करते हुए हर कार्यालयों में अनिवार्य रूप से भ्रष्टाचार रोकथाम बोर्ड जिस पर विजिलेंस तथा भ्रष्टाचार रोकथाम प्रवर्तन अधिकारियों केे स्पष्ट मोबाईल न0सहित सामान्य नागरिक को जागरूक करने का स्पष्ट संदेश अंकित हो, निश्चित ले आउट वाला बोर्ड हर कार्यालयों में चस्पा करने के निर्देश दिये। उन्होंने सीएम हेल्पलाईन में समस्या निस्तारण के बाद कार्यों को प्रदर्शित करने और सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत् समय पर सहजता से विभिन्न सेवाओं को जनता को उपलब्ध करवाने मे गम्भीरता दिखाते हुए कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने हाल ही में 11 राजस्व उप निरीक्षकों पर उनके द्वारा जनता को निर्गत सेवा में की गयी कार्यवाही पर लगायी गयी पेनल्टी का जिक्र करते हुए इससे सबक सिखने और अपने कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर तहसील दिवस में दौरान मुख्य विकास अधिकारी जी.एस रावत, सचिव एमडीडीए गिरिश चन्द गुणवन्त, उप जिलाधिकारी सदर कमलेश मेहता सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
