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बदल चुकी है सरकार की पेंशन स्‍कीम, बजट में हुआ था बदलाव का जिक्र
बीते दिनों आम बजट पेश करते हुए वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम लोगों से जुड़े कई स्‍कीम का जिक्र किया. इनमें सबसे अहम चर्चा रिटायरमेंट सेविंग्स अकाउंट नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) की थी. दरअसल, बीते साल मोदी सरकार की कैबिनेट ने एनपीएस नियमों में बदलाव की मंजूरी दी थी. इस बदलाव का उल्लेख बजट 2019 में किया गया. आइए जानते हैं कि आखिर क्‍या है वो बदलाव..

नए बदलाव के तहत नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत पैसा जमा करने वाले सरकारी कर्मचारी मैच्योरिटी के बाद बिना किसी टैक्‍स के 60 फीसदी अमाउंट निकाल सकते हैं. अब तक सरकारी कर्मचारी 40 फीसदी अमाउंट निकाल सकते थे. कहने का मतलब यह है कि 60 वर्ष की आयु में कोई व्यक्ति अपने NPS खाते में कुल जमा राशि में से 60 फीसदी अमाउंट बिना किसी टैक्स के निकाल सकता है.

इसके अलावा अब केंद्र सरकार सरकारी कर्मचारियों के NPS खाते में 14 फीसदी की कंट्रीब्‍यूशन दे रही है. वहीं इस खाते में कर्मचारियों की सैलरी का न्‍यूनतम हिस्‍सा 10 फीसदी होता है.

मतलब यह कि कर्मचारी सैलरी का कम से कम 10 फीसदी हिस्‍सा NPS खाते में जमा कर सकते हैं. इसके अलावा कर्मचारियों को आयकर कानून की धारा 80 सी के तहत टैक्‍स छूट भी मिलती है.
क्‍या है एनपीएस
2004 में शुरू हुआ NPS एक रिटायरमेंट सेविंग्स अकाउंट है. इसके तहत पहले सिर्फ सरकारी कर्मचारी ही खाता खुलवा सकते थे लेकिन साल 2009 के बाद इसे निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए भी खोल दिया गया. यानी इस स्‍कीम का फायदा सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाला कोई भी कर्मचारी उठा सकता है.

यहां बता दें कि NPS अकाउंट खुलवाने के लिए न्‍यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 65 साल है. अगर आपको NPS के तहत अकाउंट खुलवाना है तो सरकारी या निजी बैंकों से संपर्क कर सकते हैं.

इसके लिए आपको बर्थ सर्टिफिकेट, 10वीं की डिग्री, एड्रेस प्रूफ और आई कार्ड की जरूरत होती है. वहीं रजिस्ट्रेशन फॉर्म बैंक से मिल जाता है. इसके अलावा कई बैंक की ओर से नेटबैंकिंग में भी एनपीएस अकाउंट खोलने की सुविधा दी जा रही है.


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By udaen

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