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ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के 17 धारा-नौले चिन्हित, संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए सर्वे के निर्देश

सूचना/पौड़ी/07 अक्टूबर 2026:
जनपद में जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन को गति देने के उद्देश्य से बुधवार को जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवनेशन अथॉरिटी (सारा) की बैठक जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गयी। जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की इस बैठक में ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व के धारा-नौलों के संरक्षण, पुनर्जीवन एवं सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न जल संरक्षण कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई।

बैठक में पेयजल विभाग द्वारा जिला सारा केंद्र पौड़ी को पूर्व में प्रेषित प्रस्ताव में संशोधन, विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के उपयोगिता प्रमाण पत्र तथा जनपद में स्थित ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व के धारा-नौलों के चिन्हीकरण और संरक्षण से संबंधित विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में ग्राम पंचायत परंदा की डीपीआर के अनुमोदन पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने परंदा, कोला सहित अन्य क्षेत्रों में प्रस्तावित कार्यों का तकनीकी दृष्टि से मौका निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल स्रोतों के संरक्षण के साथ-साथ उनके आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि प्राकृतिक जल स्रोतों का दीर्घकालिक संरक्षण एवं बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

उप निदेशक जलागम ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद में ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व के 17 धारा-नौले चिन्हित किए गए हैं। इस पर जिलाधिकारी ने जलागम के अधिकारियों को चिन्हित धारा-नौलों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के साथ ही उनके जल संरक्षण और सौंदर्यीकरण की संभावनाओं का सर्वे कर 10 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इनके सर्वे, मापन एवं संरक्षण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। बैठक में धारा-नौलों के चिन्हीकरण, नामांकन एवं मापन के लिए कार्ययोजना तैयार करने तथा संबंधित जानकारी के संकलन के लिए एप विकसित किए जाने पर भी चर्चा की गई।

मुख्य विकास अधिकारी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में कराए गए कार्यों की प्रगति का भौतिक सत्यापन एवं निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चाल-खाल एवं चेकडैम सहित अन्य जल संरक्षण कार्यों की मौके पर जाकर प्रगति का सत्यापन करने को कहा। साथ ही सभी खंड विकास अधिकारियों को संबंधित कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र समय से प्रेषित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला विकास अधिकारी रमेश चंद, अधीक्षण अभियंता जल निगम मो. मिशम, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई धीरज सैनी, उप निदेशक जलागम अजय सोनकर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला सहित संबंधित अधिकारी, कर्मचारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।


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By udaen

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