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डीजीएफटी ने व्यापार करने में सरलता को बढ़ावा देने के लिए मुक्त बिक्री और वाणिज्य प्रमाणपत्रों के स्वचालित निर्गमन को सक्षम बनाया

PIB Delhi

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने निर्यातकों के लिए व्यापार में सरलता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से समय-समय पर की गई पहलों के क्रम में अब अपने पोर्टल पर मुक्त बिक्री और वाणिज्य प्रमाणपत्र (एफएससी) स्वचालित रूप से जारी करना शुरू कर दिया है। ये प्रमाणपत्र विदेश व्यापार नीति के अंतर्गत उन वस्तुओं के निर्यातकों को जारी किए जाते हैं जो औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 के अंतर्गत नहीं आती हैं। वर्तमान में ऐसे प्रमाणपत्र डीजीएफटी के क्षेत्रीय प्राधिकरणों (आरए) की ओर से जांच और सत्यापन के बाद जारी किए जाते हैं।

अब मौजूदा ढांचे के अनुसार पात्र आवेदनों पर स्वचालित निर्गमन के लिए विचार किया जाएगा, उन्हें संबंधित कर्मियों के पास सूक्ष्म जांच के लिए नहीं भेजा जाएगा। स्वचालित तंत्र से एफएससी आवेदनों की एक महत्वपूर्ण श्रेणी के लिए उनके निपटारे में लगने वाले समय में कमी आने और पूर्ववर्ती कार्यालय संबंधी प्रक्रिया से जुड़े अनुपालन बोझ में कमी आने की उम्मीद है।

वहीं, जिन आवेदनों के सत्यापन की आवश्यकता होगी या जो स्वचालित रूप से निपटारे के मापदंडों को पूरा नहीं करते हैं उन्हें संबंधित क्षेत्रीय प्राधिकरण (आरए) के कर्मचारियों के पास इस कार्य के लिए भेजा जा सकता है।

कुछ स्वतः स्वीकृत आवेदनों को भी प्रणाली के जोखिम प्रबंधन मापदंडों के अंतर्गत समीक्षा के लिए संबंधित क्षेत्रीय प्राधिकरण को भेजा जा सकता है।

इस कदम से अनावश्यक मानव हस्तक्षेप कम होने, प्रक्रिया की पूर्वानुमेयता में सुधार और पात्र निर्यातकों के लिए मुक्त बिक्री एवं वाणिज्य प्रमाणपत्र (एफएससी) को तेजी से जारी किए जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही जांच की आवश्यकता वाले आवेदनों के लिए उचित सत्यापन और निगरानी की व्यवस्था भी बनी रहेगी। इस पहल से स्वचालित, नियम-आधारित प्रक्रिया को मजबूत करके और जोखिम-आधारित समीक्षा लागू करके निर्यातकों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए मुक्त बिक्री एवं वाणिज्य प्रमाणपत्र जारी करना अधिक कुशल, पारदर्शी और पूर्वानुमानयोग्य होने की उम्मीद है।

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By udaen

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