उत्तराखण्ड: मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के लिए 14 अगस्त तक आवेदन, एकल महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर
देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य की एकल (निराश्रित), परित्यक्ता एवं विधवा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार या लघु व्यवसाय स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना वर्ष 2026-27 से पूरे राज्य में लागू की जा रही है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि योजना के अंतर्गत महिलाओं की आवश्यकता, कौशल और स्थानीय मांग के अनुसार विभिन्न प्रकार के स्वरोजगार प्रस्तावों को सहायता दी जाएगी। कृषि, बागवानी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, ब्यूटी पार्लर, बुटीक, टेलरिंग, जनरल स्टोर, टिफिन सेवा, कंप्यूटर आधारित सेवाएं, रिपेयरिंग सहित अन्य छोटे व्यवसायों को भी योजना में शामिल किया गया है।
योजना से संबंधित पात्रता, दिशा-निर्देश तथा आवेदन पत्र का प्रारूप महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इच्छुक महिलाएं अपने जिले के जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय अथवा बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। आवेदन 14 अगस्त 2026 को सायं 5:00 बजे तक केवल पंजीकृत डाक के माध्यम से संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में भेजे जा सकेंगे। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त अथवा अपूर्ण आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
योजना के तहत अधिकतम ₹2 लाख तक की परियोजना स्वीकृत की जा सकती है। इसमें परियोजना लागत का 75 प्रतिशत (अधिकतम ₹1.50 लाख) अनुदान के रूप में दिया जाएगा, जबकि शेष 25 प्रतिशत लाभार्थी को स्वयं वहन करना होगा। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक एकल महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना है।
विभाग के अनुसार प्राप्त आवेदनों का परीक्षण करने के बाद अंतिम चयन अथवा निरस्तीकरण का निर्णय निदेशक/उपाध्यक्ष, उत्तराखण्ड महिला एवं बाल विकास समिति द्वारा लिया जाएगा। योजना में पात्र महिलाओं का चयन निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।
