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एम्‍स ऋषिकेश के कर्मचारियों के पक्ष में 46 अपीलों का निपटारा किया गया, जिससे उन्हें लगभग 40 लाख रुपये का लाभ मिला

ठेकेदारों को ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 के सख्त अनुपालन के प्रति जागरूक किया गया

PIB Delhi

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के अधीन देहरादून स्थित उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय, ने ग्रेच्‍युटी भुगतान अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत एक विशेष शिविर का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य एम्स ऋषिकेश के कर्मचारियों के ग्रेच्‍युटी भुगतान से संबंधित लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करना था।

इस शिविर की अध्यक्षता अधिनियम के तहत अपीलीय प्राधिकारी के रूप में कार्य कर रहे देहरादून के उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) ने की। इस सत्र में एम्स ऋषिकेश से संबंधित लगभग नौ महीने से लंबित कुल 169 अपीलों पर सुनवाई की गई।

कुल 46 अपीलों के श्रमिकों के पक्ष में निपटान से उन्‍हें लगभग 40,00,000 रुपये के वैधानिक लाभ तत्काल प्राप्त हुए। यह पहल मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के दावों के समय पर निपटान और कार्यबल के वैधानिक अधिकारों की रक्षा के प्रति सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाती है।

कार्यवाही के दौरान, ठेकेदार और उसके प्रतिनिधियों, मेसर्स प्रिंसिपल सिक्योरिटी एंड एलाइड सर्विसेज को ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 के अनुपालन के बारे में जागरूक किया गया। अपीलीय प्राधिकारी ने समय पर ग्रेच्युटी के वितरण, वैधानिक अभिलेखों के उचित रखरखाव और श्रमिकों के कानूनी अधिकारों की सुरक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। इसके उत्तर में ठेकेदार ने प्राधिकारी को भविष्य में पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने और सभी पात्र दावों का समय पर निपटान करने के लिए तत्काल सुधारात्मक उपाय अपनाने का आश्वासन दिया।

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By udaen

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