“फेस रिकग्निशन से मिलेगा राशन, हर आंगनवाड़ी में होगी बिजली-पानी की सुविधा”
मुख्य सचिव ने महिला एवं बाल विकास योजनाओं की समीक्षा में दिए सख्त निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में आंगनवाड़ी व्यवस्था को तकनीक और आधारभूत सुविधाओं से मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि टेक होम राशन (THR) का 100 प्रतिशत वितरण फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए, ताकि पारदर्शिता बढ़े और फर्जीवाड़े पर रोक लग सके। उन्होंने अधिकारियों को जल्द आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी करने को कहा।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य के किसी भी आंगनवाड़ी केंद्र में बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी नहीं रहनी चाहिए। जिन केंद्रों में ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, उनकी सूची संबंधित विभागों को भेजकर तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।
बैठक में आंगनवाड़ी भवनों की स्थिति पर भी गंभीर चर्चा हुई। जिन केंद्रों के अपने भवन नहीं हैं, वहां अनुपयोगी पुराने पंचायत भवनों को आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जर्जर भवनों को ध्वस्त कर नए भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित सभी राजकीय एवं स्वैच्छिक बाल देखरेख संस्थानों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों की सुरक्षा और संस्थानों की कार्यप्रणाली का स्वतंत्र मूल्यांकन हो सके।
