1 मई से लगेगी ऑनलाइन मनी गेम और अवैध सट्टेबाजी पर लगेगी लगाम
देश में शुक्रवार से डिजिटल गेमिंग के सेक्टर में नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित ‘ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन और विनियमन नियम, 2026’ एक मई से प्रभावी हो जाएंगे।
SHABD,New Delhi, April 30,
अप्रैल 30, नई दिल्ली:
देश में शुक्रवार से डिजिटल गेमिंग के सेक्टर में नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित ‘ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन और विनियमन नियम, 2026’ एक मई से प्रभावी हो जाएंगे। ये नियम, देश में अवैध सट्टेबाजी और ‘मनी गेम्स’ पर लगाम लगाने के साथ-साथ ई-स्पोर्ट्स के लिए एक सुरक्षित माहौल तैयार करेंगे। नए नियमों के तहत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार का ‘ऑनलाइन मनी गेम’, जिसमें दांव लगाना या मौद्रिक लाभ की अपेक्षा शामिल हो, पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। इन खेलों के विज्ञापन और प्रचार पर भी रोक लगा दी गई है।
नियमों का उल्लंघन करने वाले गेमिंग ऑपरेटरों को 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और 3 साल की कैद हो सकती है, जिसे बार-बार अपराध करने पर 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है। साइबर सेल के अधिकारियों को राज्य और जिला स्तर पर इन अपराधों की जांच के लिए सशक्त बनाया गया है। गेमिंग क्षेत्र की निगरानी के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के तहत भारतीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण का गठन किया गया है। दिल्ली स्थित यह निकाय तय करेगा कि कौन सा गेम जायज है और कौन सा प्रतिबंधित। प्राधिकरण के पास यह शक्ति होगी कि वह मनी गेम्स की सूची जारी करे और बैंकों को उनके वित्तीय लेनदेन रोकने का निर्देश दे।
अब सभी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए आयु सत्यापन ,माता-पिता के नियंत्रण और गेमिंग के समय की सीमा तय करना अनिवार्य होगा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक असुरक्षित मनी गेम्स के कारण देश में अब तक लगभग 45 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं और 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय नुकसान हुआ है, जिसे रोकना इन नियमों का प्रमुख उद्देश्य है। वहीं उपयोगकर्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है। यदि कोई उपयोगकर्ता गेमिंग कंपनी के समाधान से संतुष्ट नहीं है, तो वह 30 दिनों के भीतर प्राधिकरण में अपील कर सकता है। इसके बाद दूसरी अपील सचिव, MeitY के समक्ष की जा सकेगी।
फोटो– प्रतीकात्मक तस्वीर
