उत्तरकाशी: गंगोत्री नेशनल पार्क के द्वार खुले, पर्यटकों के लिए फिर सजी हिमालयी धरोहर
उत्तराखंड के जिले में स्थित के गेट आज से देश-विदेश के सैलानियों के लिए खोल दिए गए हैं। करीब 2390 वर्ग किलोमीटर में फैला यह संरक्षित क्षेत्र हिमालयी जैव-विविधता का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और उच्च हिमालयी पारिस्थितिकी के अध्ययन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
जैव विविधता और हिम तेंदुओं का घर
गंगोत्री नेशनल पार्क विशेष रूप से के प्राकृतिक आवास के रूप में जाना जाता है। वन विभाग के अनुमानों के अनुसार यहां लगभग 35 हिम तेंदुए मौजूद हैं। इसके अलावा यह क्षेत्र कई दुर्लभ वनस्पतियों और वन्यजीवों का भी घर है, जो इसे संरक्षण की दृष्टि से संवेदनशील बनाते हैं।
प्रमुख पर्यटन और ट्रेकिंग स्थल
पार्क के भीतर कई प्रसिद्ध ट्रेकिंग रूट और दर्शनीय स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
- – गंगा नदी का उद्गम स्थल
ये सभी स्थल न केवल प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर हैं, बल्कि एडवेंचर टूरिज्म के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
शुल्क और नियम
पार्क में प्रवेश के लिए शुल्क निर्धारित किया गया है:
- भारतीय पर्यटक: 150 रुपये प्रति व्यक्ति (तीन दिन)
- विदेशी पर्यटक: 600 रुपये प्रति व्यक्ति (तीन दिन)
वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें, ताकि इस संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखा जा सके।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
पार्क के खुलने से स्थानीय पर्यटन उद्योग, गाइड, पोर्टर और होमस्टे संचालकों को आर्थिक संबल मिलने की उम्मीद है। साथ ही, यह क्षेत्र साहसिक पर्यटन के लिए एक बार फिर केंद्र में आ जाएगा।
(विशेष टिप्पणी)
गंगोत्री नेशनल पार्क का खुलना सिर्फ पर्यटन गतिविधि की शुरुआत नहीं, बल्कि हिमालयी पारिस्थितिकी और संवेदनशील जैव विविधता के संरक्षण की जिम्मेदारी का भी स्मरण कराता है।
