सचिवालय में आधुनिक कार्यालय भवन निर्माण ने पकड़ी रफ्तार
औचक निरीक्षण में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने दिए सख्त निर्देश, कहा— गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा
देहरादून।
सचिवालय परिसर में निर्माणाधीन आधुनिक कार्यालय भवन के कार्यों ने गति पकड़ ली है। आवास एवं राज्य सम्पत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने औचक निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों व निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
निरीक्षण के दौरान सचिव डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को ज़मीन पर उतारना सरकार की प्राथमिकता है और निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नियमित निगरानी और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय संयुक्त सचिव राज्य सम्पत्ति एस.एस. रावत, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग नीरज कुमार त्रिपाठी, अपर सहायक अभियंता संदीप वर्मा, सहायक अभियंता विद्युत गोविंद सिंह तथा ठेकेदार शिव कुमार अग्रवाल उपस्थित रहे।
₹59.34 करोड़ की लागत से बन रहा है भवन
राज्य सम्पत्ति विभाग के नियंत्रणाधीन सचिवालय परिसर में विश्वकर्मा भवन के समीप छह मंजिला (जी+5 एवं एक बेसमेंट सहित) आधुनिक कार्यालय भवन का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना को 26 मार्च 2025 को शासनादेश के माध्यम से स्वीकृति दी गई थी। कुल अनुमानित लागत ₹5934.71 लाख है, जिसमें सिविल एवं विद्युतीकरण कार्य शामिल हैं। अब तक लगभग ₹1400 लाख की धनराशि आवंटित की जा चुकी है।
डेढ़ वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य
भवन के सिविल निर्माण का कार्य मैसर्स शिव कुमार अग्रवाल को सौंपा गया है। परियोजना को डेढ़ वर्ष की अवधि में पूरा किया जाना है, जिसकी अंतिम तिथि 24 जनवरी 2027 निर्धारित की गई है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा सचिवालय
34×74 मीटर के प्लॉट पर बन रहे इस भवन का कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 1,04,480 वर्ग फीट होगा। बेसमेंट में 25 कार और 100 दोपहिया वाहनों की पार्किंग सुविधा दी जा रही है। ग्राउंड फ्लोर पर एसबीआई बैंक, पोस्ट ऑफिस, प्रवेश लॉबी और वेटिंग एरिया प्रस्तावित हैं। ऊपरी मंजिलों पर सचिव, अपर सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव और अन्य अधिकारियों के कार्यालय, स्टाफ कक्ष, मीटिंग हॉल और वेटिंग लॉबी बनाई जाएंगी।
15 प्रतिशत कार्य पूर्ण
वर्तमान स्थिति के अनुसार भवन का फाउंडेशन और बेसमेंट का सिविल कार्य पूर्ण हो चुका है। ग्राउंड फ्लोर का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे 10 फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कुल भौतिक प्रगति लगभग 15 प्रतिशत बताई जा रही है।
सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि यह आधुनिक कार्यालय भवन सचिवालय की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
