राष्ट्रीय प्रेस दिवस–2025: भ्रामकता के दौर में प्रेस की विश्वसनीयता पर पौड़ी में सारगर्भित गोष्ठी
सूचना विभाग/पौड़ी/16 नवम्बर 2025।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस–2025 के अवसर पर जिला मुख्यालय पौड़ी में सूचना विभाग की ओर से “बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण” विषय पर एक विस्तृत गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला सूचना अधिकारी योगेश पोखरियाल एवं पत्रकारों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

जिला सूचना अधिकारी योगेश पोखरियाल ने स्वागत संबोधन में कहा कि डिजिटल युग में सूचना प्रसार की गति अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है, लेकिन इसी गति के साथ गलत व अपुष्ट सूचनाओं का प्रसार मीडिया के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। ऐसे समय में पत्रकारिता का मूलाधार—सत्य, सटीकता और संतुलन—और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
उन्होंने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता और स्वच्छंदता का अंतर तब ही समझ आता है जब हम संविधान, पत्रकारिता की मर्यादाओं और सामाजिक संवेदनशीलता को सही संदर्भ में देखते हैं। भावनाओं को नजरअंदाज़ कर केवल शब्दों पर टिके रहना कई बार भ्रम पैदा करता है, इसलिए पत्रकार को आत्मविश्लेषी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
वरिष्ठ पत्रकार अनिल बहुगुणा ने कहा कि आज पत्रकारिता केवल खबर देना भर नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का माध्यम बन चुकी है। फेक न्यूज, अधूरी जानकारी और बिना पुष्टि वायरल सामग्री लोकतंत्र के लिए चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि हर खबर की दो-स्तरीय पुष्टि, संदर्भ की समझ और तथ्यपरकता ही मीडिया संस्थानों की सबसे बड़ी पूंजी—विश्वसनीयता—को बचाए रख सकती है।
वरिष्ठ पत्रकार त्रिभुवन उनियाल ने प्रेस दिवस को आत्ममूल्यांकन का अवसर बताते हुए कहा कि मीडिया और लोकतंत्र एक-दूसरे के पूरक हैं। वर्तमान समय में गलत सूचना का प्रभाव इतना तेज है कि वह सामाजिक भ्रम और अविश्वास को जन्म दे सकता है। अतः पत्रकारों को तथ्य, संवेदनशीलता और पारदर्शिता तीनों को समान महत्व देना चाहिए।
वरिष्ठ पत्रकार अजय रावत ने कहा कि सोशल मीडिया की व्यापक पहुँच जहां अवसर प्रदान करती है, वहीं अपुष्ट जानकारी को तेजी से प्रसारित भी करती है। पत्रकारों को तकनीक के साथ अद्यतन रहते हुए डिजिटल मंचों पर जिम्मेदार आचरण अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि मीडिया कर्मी नियमित रूप से प्रशिक्षण, वर्कशॉप और तथ्य-जांच मॉड्यूल अपनाकर स्वयं को मजबूत करें।
कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के सुव्यवस्थित आयोजन और सामयिक थीम के लिए सूचना विभाग की सराहना की। उनका कहना था कि गोष्ठी में व्यक्त विचार मीडिया की विश्वसनीयता व पेशेवर मानकों को और मजबूत करेंगे।
कार्यक्रम का संचालन प्रमोद बर्तवाल ने किया। गोष्ठी में दो दर्जन से अधिक पत्रकार उपस्थित रहे।
