कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, निधि नियामकों, स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों और नागरिकों ने भाग लिया
नागरिकों को सहायता डेस्क और डिजिटल कियोस्क के माध्यम से दावा विहीन वित्तीय संपत्तियों की जाँच करने और सुविधाजनक तरीके से दावा शुरू करने में सहायता प्रदान की गई
अभियान 3ए रणनीति पर केंद्रित है: जागरूकता, पहुँच और कार्रवाई, जिसका उद्देश्य नागरिकों को उनकी वैध बचत वापस पाने में मदद करना है
PIB Delhi
तीन महीने के राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान “आपकी पूँजी, आपका अधिकार” का पहला चरण 15 से 17 अक्टूबर 2025 तक डीएफएस द्वारा 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 25 जिलों में समन्वित किया गया था। विभिन्न जिलों में जिला-स्तरीय आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे केंद्रित पहुँच और प्रभावी जनभागीदारी सुनिश्चित हुई।
ये कार्यक्रम डीएफएस के समग्र मार्गदर्शन और निगरानी के तहत, संबंधित लीड डिस्ट्रिक बैंकों के समन्वय से, राज्य-स्तरीय बैंकर्स समितियों (एसएलबीसी) और राज्य-स्तरीय बीमा समितियों (एसएलआईसी) द्वारा आयोजित किए गए थे।
इन आयोजनों में स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों, संसद सदस्यों, विधायकों और वरिष्ठ जिला अधिकारियों के साथ-साथ वित्तीय संस्थानों, नियामकों और स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। नागरिकों को सहायता डेस्क और डिजिटल कियोस्क के माध्यम से दावा विहीन वित्तीय संपत्तियों की जाँच करने और सुविधाजनक तरीके से दावा शुरू करने में सहायता प्रदान की गई।

वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस), वित्त मंत्रालय, 4 अक्टूबर 2025 को गांधीनगर, गुजरात में केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा शुरू किए जाने के बाद, अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक तीन महीने का राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान “आपकी पूँजी, आपका अधिकार” आयोजित कर रहा है। इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों को उनकी दावा न की गई जमा राशि, बीमा आय, डिविडेंड, शेयर, म्यूचुअल फंड बैलेंस और पेंशन देनदारियों का पता लगाने और उन पर दावा करने में सक्षम बनाना है।
गतिविधियों में अभियान के तीन मार्गदर्शक सिद्धांतों — जागरूकता, पहुँच और कार्रवाई पर जोर दिया गया। डिजिटल प्रदर्शनों और सूचना काउंटरों ने सामुदायिक जागरूकता को बढ़ावा दिया, जबकि नागरिकों को वित्तीय समावेशन योजनाओं के तहत नामांकन करने और केवाईसी तथा री-केवाईसी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे औपचारिक वित्तीय प्रणाली के साथ उनका संबंध मजबूत हुआ।

यह पहल नागरिक-केंद्रित शासन पर सरकार के निरंतर ध्यान और ईज़ ऑफ लिविंग को बढ़ाने के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है। इस अभियान में जनता की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई, जिसमें स्वयं सहायता समूह, युवा स्वयंसेवक और वरिष्ठ नागरिक शामिल थे। यह भागीदारी प्रत्येक घर को उसकी वैध बचत वापस दिलाने के सामूहिक दायित्व और सामुदायिक जुड़ाव की मजबूत भावना को दर्शाती है।

पहले चरण के शिविरों की गति को आगे बढ़ाते हुए, दूसरे चरण और तीसरे चरण के शिविर आगामी अक्टूबर/नवंबर के सप्ताहों में आयोजित किए जाएंगे, जो नागरिकों को उनकी दावा न की गई वित्तीय संपत्तियों का पता लगाने और उन्हें वापस पाने में मदद करने के प्रयासों को जारी रखेंगे।
अपनी दावा न की गई वित्तीय संपत्तियों पर दावा कैसे करें और वीडियो तथा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तक पहुँचने के बारे में अधिक जानने के लिए, नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:
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पीके/केसी/एसके/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2180627) आगंतुक पटल : 13
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