नई दिल्ली, 17 अगस्त 2025 – भारतीय राजनीति के लिए आज का दिन बेहद अहम साबित हुआ। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के लिए अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि महाराष्ट्र के वर्तमान राज्यपाल श्री C. P. Radhakrishnan को NDA की ओर से उम्मीदवार बनाया गया है।
यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
कौन हैं C. P. Radhakrishnan?
C. P. Radhakrishnan भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता माने जाते हैं।
- वे दो बार तमिलनाडु से लोकसभा सांसद रह चुके हैं।
- संगठन में लंबे समय तक काम किया और दक्षिण भारत में भाजपा के विस्तार में उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।
- 2023 में उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।
- वे सरल स्वभाव और संगठनात्मक क्षमता के लिए जाने जाते हैं।
उनका नाम NDA की ओर से आने से यह साफ है कि भाजपा अब दक्षिण भारत से आने वाले नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर बड़े पदों पर जिम्मेदारी देने पर जोर दे रही है।
चुनाव की प्रक्रिया और तारीख
भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सांसदों द्वारा किया जाता है।
- निर्वाचन आयोग के मुताबिक यह चुनाव 9 सितंबर 2025 को होने की संभावना है।
- वर्तमान उपराष्ट्रपति का कार्यकाल सितंबर में समाप्त हो रहा है।
- मतदान इलेक्ट्रॉनिक बैलेट से होगा और परिणाम उसी दिन घोषित कर दिए जाएंगे।
NDA की रणनीति और राजनीतिक समीकरण
NDA के पास संसद में स्पष्ट बहुमत है।
- लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर संख्याबल NDA के पक्ष में है, इसलिए यह चुनाव लगभग तय माना जा रहा है।
- फिर भी, भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने कहा कि NDA चाहती है कि यह चुनाव सर्वसम्मति से हो और इसके लिए विपक्षी दलों से भी संवाद किया जाएगा।
यह कदम राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे NDA विपक्ष पर नैतिक दबाव भी बनाना चाहती है।
उपराष्ट्रपति पद का महत्व
भारत का उपराष्ट्रपति संविधान के हिसाब से देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है।
- उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति (Chairman of Rajya Sabha) होते हैं।
- वे राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।
- इसलिए यह पद केवल औपचारिक नहीं, बल्कि संसद की कार्यवाही और लोकतांत्रिक संतुलन में बेहद अहम भूमिका निभाता है।
विपक्ष की स्थिति
INDIA गठबंधन (विपक्षी दलों का मोर्चा) ने अभी तक अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
- सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष यह रणनीति बना रहा है कि क्या वह NDA के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए कोई साझा चेहरा उतारे या फिर सर्वसम्मति का समर्थन करे।
- राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष चाहे जिसे भी उम्मीदवार बनाए, संख्या बल की वजह से NDA की जीत लगभग तय है।
राजनीतिक महत्व और संदेश
C. P. Radhakrishnan का चयन कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण है –
- दक्षिण भारत पर फोकस – भाजपा यह दिखाना चाहती है कि वह केवल उत्तर भारत की पार्टी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती है।
- अनुभव और सरल छवि – राधाकृष्णन का लंबे समय का अनुभव और उनकी साफ-सुथरी छवि NDA की राजनीति को मजबूत संदेश देती है।
- सर्वसम्मति की पहल – विपक्ष को साथ लेने की अपील कर भाजपा अपनी लोकतांत्रिक छवि को भी मजबूत करना चाहती है।
निष्कर्ष
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025, भले ही NDA के लिए औपचारिकता साबित हो, लेकिन यह चुनाव भारतीय राजनीति में कई संकेत छोड़ जाएगा।
- C. P. Radhakrishnan का चयन दक्षिण भारत को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में बड़ा कदम है।
- यह चुनाव आने वाले समय में NDA और विपक्षी INDIA ब्लॉक के बीच ताकत और रणनीति की एक और परीक्षा बनेगा।
अब सबकी निगाहें 9 सितंबर पर टिकी हैं, जब संसद भवन में देश के अगले उपराष्ट्रपति का चुनाव होगा और संभावना है कि NDA का यह दांव लगभग निश्चित रूप से सफल ।
