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संसद प्रश्न:- वृक्षारोपण

मंत्रालय नगर वन योजना (एनवीवाई), नेशनल मिशन फॉर ग्रीन इंडिया (जीआईएम) और मैंग्रोव इनिशिएटिव फॉर शोरलाइन हैबिटेट एंड टैंगिबल बेनिफिट्स (एमआईएसएचटीआई) जैसी विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत वृक्षारोपण कर रहा है। राष्ट्रीय प्रतिपूरक वनरोपण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (सीएएमपीए) के अंतर्गत प्रतिपूरक वनरोपण निधि का उपयोग करके वनरोपण गतिविधियों को भी बड़े पैमाने पर शुरू किया जा रहा है। इसका मुख्य विषय ” एक पेड़ माँ के नाम” है। यह एक स्वैच्छिक पहल है जो पर्यावरणीय जिम्मेदारी को हमारी माताओं के साथ-साथ धरती माता को भावभीनी श्रद्धांजलि के साथ जोड़ती है। वर्त्तमान वित्त वर्ष में लगाए गए पेड़ों का राज्यवार विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है।

वनों और वृक्ष संसाधनों का संरक्षण और प्रबंधन प्राथमिक रूप से राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों की जिम्मेदारी है और पेड़ों की अवैध कटाई का विवरण और इस संबंध में की गई कार्रवाई उनके अधिकार क्षेत्र में है। पेड़ों की अवैध कटाई को रोकने के लिए, राज्य/संघ राज्य क्षेत्र विभिन्न उपाय कर रहे हैं जैसे कि किसी भी अवैध/निषिद्ध गतिविधियों की घटना को रोकने के लिए अग्रिम पंक्ति के वन कर्मचारियों द्वारा वन क्षेत्रों में नियमित गश्त, गश्ती शिविरों/शिकार विरोधी शिविरों की स्थापना, रणनीतिक और कमजोर स्थानों पर जांच चौकियां, सतर्कता और उड़न दस्तों की तैनाती, कमजोर क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण आदि। इसके अलावा राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के वन विभाग वन संरक्षण गतिविधियों में समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त वन प्रबंधन कार्यक्रम, जागरूकता अभियान, शैक्षिक कार्यक्रम आदि भी लागू कर रहे हैं।

देश के वन और वृक्ष संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन के लिए कानूनी ढांचे मौजूद हैं, जिनमें भारतीय वन अधिनियम 1927, वन (संरक्षण और संवर्धन) अधिनियम 1980, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972, राज्य वन अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम और नियम शामिल हैं। राज्य सरकारें/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन इन अधिनियमों/नियमों में किए गए प्रावधानों के अंतर्गत वनों और वृक्षों की सुरक्षा के लिए उचित कार्रवाई करते हैं, जब कभी वृक्षों की अवैध कटाई के मामले सामने आते हैं।

अनुबंध 1

वित्त वर्ष 2024-25 में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत वृक्षारोपण गतिविधियों का राज्य/संघ राज्य क्षेत्रवार विवरण

क्र.सं.राज्य/संघ राज्य क्षेत्रलगाए गए पेड़ों की संख्या
1अंडमान और निकोबार2261808
2आंध्र प्रदेश60904135
3अरुणाचल प्रदेश4857910
4असम32215542
5बिहार35321797
6चंडीगढ़280887
7छत्तीसगढ़33121988
8दादरा और नगर हवेली612502
9दमन और दीव3562
10दिल्ली4125328
11गोवा541794
12गुजरात173317655
13हरियाणा12950177
14हिमाचल प्रदेश4883847
15जम्मू और कश्मीर10119287
16झारखंड23601649
17कर्नाटक19069351
18केरल1932248
19लद्दाख155532
20लक्षद्वीप157044
21मध्य प्रदेश64019290
22महाराष्ट्र43495069
23मणिपुर5176249
24मेघालय88066
25मिजोरम504768
26नागालैंड3692248
27ओडिशा56071322
28पुडुचेरी104694
29पंजाब18464163
30राजस्थान56834461
31सिक्किम1895204
32तमिलनाडु23033367
33तेलंगाना176471148
34त्रिपुरा4143628
35उत्तर प्रदेश395214001
36उत्तराखंड25813947
37पश्चिम बंगाल482485
लगाए गए पेड़ों की कुल संख्या1295938153

यह जानकारी केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने आज राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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By udaen

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