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संसद प्रश्‍न: जल जीवन मिशन के तहत नल जल कनेक्शन

अगस्त, 2019 से भारत सरकार राज्यों के साथ मिलकर जल जीवन मिशन (जेजेएम) को कार्यान्वित कर रही है, ताकि असम सहित देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नियमित और दीर्घकालिक आधार पर पर्याप्त मात्रा में निर्धारित गुणवत्ता के साथ पीने योग्य नल का पानी उपलब्ध कराया जा सके।

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में नल कनेक्शनों की कवरेज की निगरानी के लिए इस विभाग ने एक मजबूत ऑनलाइन जेजेएम डैशबोर्ड विकसित किया है जो राज्य/केंद्र शासित प्रदेश, जिला और गांव स्‍तर पर प्रगति के साथ-साथ ग्रामीण घरों में नल के पानी की आपूर्ति के प्रावधान की स्थिति भी बताता है। डैशबोर्ड सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है और इसे यहां एक्सेस किया जा सकता है:

https://ejalpower.gov.in/jjmreport/JJMIndia.aspx

चूंकि जल राज्य का विषय है, इसलिए घरों में नल का जल उपलब्ध कराने के लिए पाइप जलापूर्ति योजनाओं की योजना बनाने और उन्हें क्रियान्वित करने की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित राज्य/संघ राज्य क्षेत्र की है।

भारत सरकार ने पूरे देश में जेजेएम की योजना बनाने और उसे लागू करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के परामर्श से वार्षिक कार्य योजना (एएपी) पर चर्चा और उसे अंतिम रूप देना, योजना और कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा, क्षमता निर्माण और ज्ञान साझा करने के लिए कार्यशालाएं/सम्मेलन/वेबिनार, तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए बहु-विषयक टीम द्वारा क्षेत्र का दौरा आदि शामिल हैं। जेजेएम के कार्यान्वयन के लिए एक विस्तृत परिचालन दिशानिर्देश; ग्रामीण घरों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायतों और वीडब्ल्यूएससी के लिए मार्गदर्शन और आंगनवाड़ी केंद्रों, आश्रमशालाओं और स्कूलों में पाइप से जलापूर्ति प्रदान करने के लिए एक विशेष अभियान पर दिशानिर्देश राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझा किए गए हैं, ताकि जल जीवन मिशन की योजना और कार्यान्वयन को सुविधाजनक बनाया जा सके।

जैसा कि असम सरकार द्वारा बताया गया है, शिकायतों के समाधान के लिए असम राज्य में एक शिकायत निवारण तंत्र मौजूद है।

यह जानकारी जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमण्णा ने सोमवार को राज्य सभा में दी।


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By udaen

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