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लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013, कुछ सार्वजनिक पदाधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने और उससे जुड़े या उसके आनुषंगिक मामलों के लिए केंद्र के लिए लोकपाल और राज्यों के लिए लोकायुक्त निकाय बनाने का प्रावधान करता है। संसद द्वारा अधिनियमित इस अधिनियम में ‘लोकपाल’ शब्द का प्रयोग विशेष रूप से 2013 के अधिनियम की धारा 3 के तहत 16.01.2024 से लागू होने के आधार पर स्थापित निकाय के लिए किया गया है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने आरबीआई द्वारा विनियमित संस्थाओं द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं में कमी से सम्बंधित ग्राहकों की शिकायतों का निःशुल्क निवारण करने के लिए 2021 में ‘रिज़र्व बैंक-रिजर्वबैंक-एकीकृत ओम्बड्समैन योजना, 2021’ शुरू की थी। विशेष रूप से, इस योजना का हिंदी में अनुवाद ‘ रिजर्वबैंक-एकीकृत लोकपाल योजना, 2021’ के रूप में किया गया। इस प्रकार आरबीआई की योजना में ‘लोकपाल’ शब्द का प्रयोग लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के विपरीत है, क्योंकि लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के लागू होने के बाद ‘लोकपाल’ शब्द का अर्थ अधिनियम की धारा 3 के तहत स्थापित निकाय है जिसे लोकपाल कहा जाएगा।

इसलिए, इस मामले को भारतीय रिजर्व बैंक के समक्ष उठाया गया ताकि सुधारात्मक उपाय किए जा सकें और ओम्बड्समैन योजना से सम्बंधित अन्य सभी आधिकारिक दस्तावेजों में इसका नाम बदलकर ‘रिजर्व बैंक-एकीकृत ओम्बड्समैन योजना, 2021’  किया जा सके।

सभी सम्बंधित लोगों के ध्यान में लाया गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने ‘रिजर्व बैंक-एकीकृत ओम्बड्समैन योजना (आरबी-आईओएस), 2021’ के हिंदी संस्करण में ‘लोकपाल’ शब्द को अब ‘ओम्बड्समैन’ शब्द से बदल दिया है। आरबी-आईओएस 2021 को अब हिंदी में ‘रिजर्वबैंक- ओम्बड्समैन योजना, 2021’ कहा जाएगा ।


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By udaen

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