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चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने एयरो इंडिया 2025 में कई उच्च स्तरीय बैठकें कीं, जिसमें रणनीतिक रक्षा साझेदारी करने की भारत की इच्छा दर्शाई गई है। जनरल अनिल चौहान के प्रमुख बातचीत कार्यक्रम में जनरल केविन बी श्नाइडर, कमांडर पैसिफिक एयर फोर्स (यूएसए), लॉर्ड वर्नोन कोकर, रक्षा राज्य मंत्री (यूके) और एयर वाइस मार्शल सुराया मार्शल (यूके), लेफ्टिनेंट जनरल इब्राहिम नासिर अल अलावी (यूएई), मेजर जनरल डुओंग वान येन (वियतनाम), मेजर जनरल रो जोन कालूनीवाई लोगवातु (फिजी), जनरल पॉल वेलेन्टिनो फिरी (मलावी), लेफ्टिनेंट जनरल सलुम हाजी ओथमान (तंजानिया) तथा वाइस एडमिरल एक्सॉन ओस्वाल्डो असेंशियो अल्बेनो (एल साल्वाडोर) के साथ बैठकें शामिल थीं। ये तमाम चर्चाएं सैन्य सहयोग बढ़ाने, क्षमता निर्माण और रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने पर केंद्रित रहीं।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने वैश्विक रक्षा उद्योग जगत के प्रमुख अधिकारियों के साथ व्यापक रूप से बातचीत की। उन्होंने साब एबी, एयरबस, इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज, बीएई सिस्टम्स, डसॉल्ट एविएशन और रोल्स रॉयस सहित प्रमुख एयरोस्पेस कंपनियों के अधिकारियों के साथ रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चर्चा की। ये बातचीत स्वदेशी विनिर्माण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और भारत की मेक इन इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत विशिष्ट क्षमताओं के विकास पर केंद्रित थी।

जनरल चौहान ने विभिन्न रक्षा मंडपों का भी दौरा किया और भारतीय व विदेशी रक्षा उपकरण निर्माताओं, एमएसएमई तथा स्टार्टअप्स के साथ चर्चा की। उन्होंने मित्र देशों के सैन्य विमानों के प्रभावशाली प्रदर्शन देखे और क्षमता एवं प्रदर्शन मापदंडों पर व्यापक जानकारी प्राप्त की, जिसमें अमरीका से एफ-35, जर्मनी से एमआरटीटी, स्पेन से ए400, रूस से एसयू-57 तथा  फ्रांस से एच125 शामिल थे। इस पहल से घरेलू क्षमताओं को सशक्त करते हुए अंतर्राष्ट्रीय रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत की प्रतिबद्धता उजागर हुई।

एक अन्य कार्यक्रम में, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने प्रमुख सैन्य नेतृत्व की उपस्थिति में ‘नेटवर्क सेंट्रिक मल्टी डोमेन ऑपरेशन्स’ पर एक ऐतिहासिक दस्तावेज का अनावरण किया। मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ द्वारा निर्मित यह महत्वपूर्ण दस्तावेज, भविष्य के युद्ध के लिए भारतीय सशस्त्र बलों को तैयार करने के रोडमैप को रेखांकित करता है और तेजी से विकसित हो रही सैन्य प्रौद्योगिकियों के बीच तेजी से बढ़ते डेटा-केंद्रित वातावरण में निर्णय श्रेष्ठता पर जोर देता है।

राष्ट्रीय रक्षा मंत्री के प्रतिनिधि और अल्जीरिया की पीपुल्स नेशनल आर्मी के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल चानेग्रिहा सईद की यात्रा भारत-अल्जीरियाई रक्षा संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई। भारत के महत्वपूर्ण रक्षा प्रतिष्ठानों और औद्योगिक परिसरों के अपने व्यापक दौरे के दौरान, जनरल चानेग्रिहा ने दोनों देशों के बीच सैन्य परंपराओं एवं संस्कृतियों में समानताओं पर गहन संतोष व्यक्त किया, जिससे सैन्य सहयोग व रक्षा आधुनिकीकरण पहलों में वृद्धि के लिए मंच तैयार हुआ।

एयरो इंडिया 2025 भारत के रक्षा इकोसिस्टम में एक ऐतिहासिक घटना के रूप में उभरा है, जो एक महत्वपूर्ण बाजार और रक्षा प्रौद्योगिकी के उभरते उत्पादक के रूप में देश की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाता है। अलग-अलग देशों के सैन्य प्रमुखों की अभूतपूर्व भागीदारी और वैश्विक रक्षा उद्योग की दिग्गज कंपनियों के साथ सहयोग, अंतर्राष्ट्रीय रक्षा साझेदारियों को आकार देने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को प्रदर्शित करता है। प्रदर्शनी की सफलता न केवल रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को उजागर करती है, बल्कि उन्नत सैन्य प्रणालियों के संयुक्त विकास एवं उत्पादन के लिए देश को एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में स्थापित करती है, जो ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।


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By udaen

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