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केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह कल तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे

आईसीएआर और एएफएस संयुक्त रूप से कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं

14वें एशियाई मत्स्य पालन और जलीय कृषि फोरम (14 एएफएएफ) का आयोजन 12-14 फरवरी, 2025 के दौरान नई दिल्ली में किया जा रहा है। इसका विषय “एशिया-प्रशांत में ब्लू ग्रोथ को हरित बनाना” है। एशियाई मत्स्य पालन और जलीय कृषि फोरम (एएफएएफ) एशियाई मत्स्य पालन सोसायटी का एक त्रैवार्षिक आयोजन है, जिसका मुख्यालय कुआलालंपुर, मलेशिया में है। इस 14वें एएफएएफ आयोजन एशियाई मत्स्य पालन सोसायटी (एएफएस), कुआलालंपुर; भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली; मत्स्य पालन विभाग (डीओएफ), भारत सरकार; और एशियाई मत्स्य पालन सोसायटी भारतीय शाखा (एएफएसआईबी), मैंगलोर द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। 2007 में कोच्चि में आयोजित 8वें एएफएएफ के बाद यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम दूसरी बार भारत में आयोजित किया जा रहा है।

14वें एएफएएफ में मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्र के प्रमुख खिलाड़ी एक साथ आ रहे हैं और इसमें 24 देशों के लगभग 1,000 प्रतिनिधि भाग लेंगे, जिनमें शोधकर्ता, नीति निर्माता, उद्योग के नेता और हितधारक शामिल हैं। एशियाई मत्स्य पालन और जलीय कृषि मंच (एएफएएफ) के पास इस क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने की एक मजबूत विरासत है। अपनी स्थापना के बाद से इस मंच को एशिया भर के कई देशों में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया है। 18 वर्षों के बाद भारत में 14वें एएफएएफ की मेजबानी करना वैश्विक मत्स्य पालन और जलीय कृषि में देश की बढ़ती प्रमुखता को दर्शाता है। तेजी से बढ़ती नीली अर्थव्यवस्था, प्रगतिशील सरकारी नीतियों और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रगति के साथ, भारत टिकाऊ मत्स्य पालन और जलीय कृषि में एक प्रमुख भागीदार के रूप में उभरा है। आज भारत कुल मछली उत्पादन और वैश्विक स्तर पर जलीय कृषि उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। यह मंच भारत के योगदान को प्रदर्शित करने, अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत करने और टिकाऊ, लचीले और आर्थिक रूप से व्यवहार्य मछली उत्पादन प्रणालियों के लिए नवीन दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।

इस फोरम का उद्घाटन भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह द्वारा 12 फरवरी 2025 (बुधवार) को सुबह 10 बजे भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम, आईसीएआर कन्वेंशन सेंटर, पूसा कैंपस, नई दिल्ली में किया जाएगा। इस अवसर पर डीएआरई के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक, मत्स्यपालन विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी, भारत सरकार के मत्स्यपालन विभाग के पूर्व सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एस. अय्यप्पन, वर्ल्ड फिश, मलेशिया के महानिदेशक डॉ. एसाम यासीन मोहम्मद भी मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम में भारत और विदेशों के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित विशेषज्ञों द्वारा 20 से अधिक प्रमुख प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

दूसरे दिन एपी शिंदे ऑडिटोरियम, एनएएससी कॉम्प्लेक्स, पूसा कैंपस, नई दिल्ली में “जलीय पशु रोग: उभरती चुनौतियां और तैयारी” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी तथा अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।

तीसरे दिन, नई दिल्ली के एनएएएस ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित पारिजात लेक्चर हॉल में ‘बेहतर वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए झींगा जलीय कृषि मूल्य श्रृंखला को जोखिम मुक्त करना’ विषय पर अकादमिक-उद्योग-सरकार बैठक होगी। राज्यसभा के सांसद डॉ. बी. मस्तान राव इसका उद्घाटन करेंगे।

14वें एशियाई मत्स्य पालन और जलीय कृषि फोरम (14 एएफएएफ) का समापन समारोह 14 फरवरी, 2025 को शाम 4.30 बजे भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम, आईसीएआर कन्वेंशन सेंटर, पूसा कैंपस, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने समापन समारोह के मुख्य अतिथि बनने की सहमति दे दी है।


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By udaen

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