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भारत की चुनाव प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना, चुनाव प्रक्रिया में समावेश को दर्शाता है: लोकसभा अध्यक्ष

भारतीय संसद में डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग ने सांसदों को सशक्त बनाया, उन्हें अपने संसदीय उत्तरदायित्वों को अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में मदद की: लोकसभा अध्यक्ष

भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच लोगों के आपसी संबंध, गर्मजोशी से भरे द्विपक्षीय संबंधों की नींव हैं: लोकसभा अध्यक्ष

लोकसभा अध्यक्ष ने भारत तथा यूनाइटेड किंगडम के बीच और अधिक संसदीय आदान-प्रदान का आह्वान किया

लोकसभा अध्यक्ष ने लंदन के हाउस ऑफ कॉमन्स के अध्यक्ष सर लिंडसे होयल से मुलाकात की

लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज इस बात पर जोर दिया कि भारत निर्वाचन आयोग के पास स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने का उत्कृष्ट रिकॉर्ड है। उन्होंने आगे कहा कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है, जहाँ लगभग एक अरब मतदाता हैं। भारत में चुनाव प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित किये जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की भागीदारी हमारी चुनावी प्रक्रिया में समावेश को दर्शाती है।

श्री बिरला ने आज लंदन में यूके की संसद के हाउस ऑफ कॉमन्स के अध्यक्ष महामहिम सर लिंडसे हॉयल के साथ अपनी बैठक के दौरान ये बातें कहीं। इस बात का उल्लेख करते हुए कि भारत संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है, श्री बिरला ने कहा कि भारतीय संविधान ने देश में परिवर्तनकारी सामाजिक-आर्थिक बदलाव किये हैं। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि भारत 2047 – भारत की स्वतंत्रता का शताब्दी वर्ष – तक एक विकसित देश होगा।

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भारत में लोकतंत्र की जड़ें जमीनी स्तर से लेकर संसद तक गहरी हैं, इस बात को रेखांकित करते हुए श्री बिरला ने कहा कि देश नीतिगत पहलों के माध्यम से अर्थव्यवस्था, राजनीति और समाज में लैंगिक अंतर को पाट रहा है। संसदीय लोकतंत्र के रूप में भारत की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए श्री बिरला ने इस बात पर जोर दिया कि विविधताओं के बावजूद भारत संसदीय संवाद और चर्चा के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने में सफल रहा है।

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भारतीय संसद में डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग का उल्लेख करते हुए, लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग ने सांसदों को सशक्त बनाया है और उन्हें अपने संसदीय दायित्वों का अधिक कुशलता से निर्वहन करने में मदद की है। अध्यक्ष ने कहा कि राज्य विधानसभाएं भी अपने कार्यों को बेहतर बनाने के लिए नई तकनीकों को अपना रही हैं। भारत और ब्रिटेन के बीच संसदीय सहयोग को मजबूत करने का आह्वान करते हुए श्री बिरला ने दोनों देशों के बीच संसदीय ज्ञान, सर्वोत्तम प्रथाओं और अनुभवों के अधिक से अधिक आदान-प्रदान पर जोर दिया। श्री बिरला ने कहा कि दोनों देशों के युवा और महिला सांसदों को बहुधा संवाद करना चाहिए।

श्री बिरला ने बताया कि लोक सभासचिवालय में संसदीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) संसदीय प्रशिक्षण प्रदान करने वाले विश्व स्तरीय संस्थानों में से एक के रूप में उभरा है। उन्होंने संसद सदस्यों के क्षमता निर्माण के माध्यम से संसदीय सहयोग को मजबूत करने के बारे में चर्चा की।

इस बात को ध्यान में रखते हुए कि लोगों के आपसी संबंध दोनों देशों के बीच गर्मजोशी से भरे द्विपक्षीय संबंधों का आधार हैं, श्री बिरला का विचार था कि इस सौहार्द ने संबंधों को और मजबूत और बहुआयामी बना दिया है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवाचार तथा अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत हुए हैं और इससे दोनों देशों के लोगों को लाभ हुआ है। भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों का उल्लेख करते हुए, श्री बिरला ने संतोष व्यक्त किया कि दोनों देश खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी मानवीय समस्याओं को हल करने और जलवायु परिवर्तन जैसी उभरती चुनौतियों का समाधान खोजने में मिलकर काम कर रहे हैं।

इस अवसर पर, लोकसभा अध्यक्ष ने महामहिम सर लिंडसे हॉयल को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और उन्हें दूसरी बार हाउस ऑफ कॉमन्स के अध्यक्ष के रूप में चुने जाने पर बधाई दी।


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By udaen

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