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यूएनडब्ल्यूटीओ बैरोमीटर (मई 2024) के अनुसार, 2023* में अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आगमन (आईटीए) के मामले में भारत विश्व स्तर पर 24वें स्थान पर था। इस अवधि के दौरान, भारत ने 18.89 मिलियन आईटीए दर्ज किए, जो 2022 में दर्ज 14.33 मिलियन की तुलना में 31.9% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।

* कुछ देशों से डेटा गायब होने के कारण 2023 की रैंकिंग अस्थायी है।

पर्यटन मंत्रालय ने भारत को विश्व का सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र बनाने के लिए निम्नलिखित कई कदम उठाए हैं:

  • पर्यटन मंत्रालय ‘स्वदेश दर्शन, ‘तीर्थयात्रा पुनरोद्धार और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रसाद)’ और ‘पर्यटन अवसंरचना विकास के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सहायता’ योजनाओं के तहत विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पर्यटन से संबंधित अवसंरचना और सुविधाओं के विकास के लिए राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों/केंद्रीय एजेंसियों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
  • पर्यटन मंत्रालय अपने विभिन्न अभियानों और कार्यक्रमों के माध्यम से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भारत के विभिन्न पर्यटन स्थलों और उत्पादों को बढ़ावा देता है। इनमें से कुछ पहलों में देखो अपना देश अभियान, चलो इंडिया अभियान, अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मार्ट, भारत पर्व शामिल हैं।
  • अतुल्य भारत कंटेंट हब का शुभारंभ किया गया जो एक व्यापक डिजिटल संग्रह है, जिसमें भारत में पर्यटन से संबंधित उच्च गुणवत्ता वाली छवियों, फिल्मों, ब्रोशर और समाचार पत्रों का समृद्ध संग्रह है। मंत्रालय की वेबसाइट www.incredibleindia.org और सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से भी प्रचार किया जाता है।
  • अन्य विशिष्ट विषयों के साथ-साथ स्वास्थ्य पर्यटन, पाक-कला पर्यटन, ग्रामीण, पारिस्थितिकी पर्यटन आदि विषयगत पर्यटन को बढ़ावा दिया जाता है, ताकि पर्यटन का दायरा अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ाया जा सके।
  • क्षमता निर्माण और कौशल विकास पर केंद्रित पहलों जैसे ‘सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण’, ‘इन्क्रेडिबल इंडिया टूरिस्ट फैसिलिटेटर’(आईआईटीएफ), ‘पर्यटन मित्र’ और ‘पर्यटन दीदी’ के माध्यम से समग्र गुणवत्ता और पर्यटकों के अनुभव को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों तक हवाई संपर्क में सुधार के लिए पर्यटन मंत्रालय ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ उनकी आरसीएस-उड़ान योजना के तहत सहयोग किया है। अब तक 53 पर्यटन मार्ग चालू हो चुके हैं।
  • ई-वीज़ा योजना अब 168 देशों के लिए उपलब्ध है और यह 7 उप-श्रेणियों के लिए उपलब्ध है:

i. ई-पर्यटक वीज़ा

ii. ई-व्यावसायिक वीज़ा

iii. ई-चिकित्सा वीज़ा

iv. ई-सम्मेलन वीज़ा

v. ई-चिकित्सा परिचारक वीज़ा

vi. ई-आयुष वीज़ा

vii. ई-आयुष परिचारक वीज़ा

यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।


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By udaen

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