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कैबिनेट ने देश भर में सिविल/रक्षा क्षेत्र के अंतर्गत 85 नए केन्द्रीय विद्यालय (केवी) खोलने और एक मौजूदा केवी, यानि केवी शिवमोगा, कर्नाटक की सभी कक्षाओं में 2 अतिरिक्त खंड जोड़कर विस्तार करने की मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने देशभर में सिविल/रक्षा क्षेत्र के अंतर्गत 85 नए केन्द्रीय विद्यालय (केवी) खोलने तथा एक मौजूदा केवी अर्थात केवी शिवमोगा, जिला शिवमोगा, कर्नाटक के विस्तार को मंजूरी दे दी है, ताकि केन्द्रीय विद्यालय योजना (केन्द्रीय क्षेत्र योजना) के अंतर्गत केवी शिवमोगा की सभी कक्षाओं में दो अतिरिक्त अनुभाग जोड़कर केन्द्र सरकार के कर्मचारियों की बढ़ी हुई संख्या को सुविधा प्रदान की जा सके। इन 86 केवी की सूची संलग्न है।

85 नए केन्द्रीय विद्यालयों की स्थापना तथा निकटवर्ती 01 मौजूदा केन्द्रीय विद्यालय केवी के विस्तार के लिए 2025-26 से आठ वर्षों की अवधि के लिए निधियों की कुल अनुमानित आवश्यकता 5872.08 करोड़ रुपये (लगभग) है। इसमें 2862.71 करोड़ रुपये (लगभग) का  पूंजीगत व्यय घटक तथा 3009.37 करोड़ रुपये (लगभग) का परिचालन व्यय शामिल है।

आज की तारीख में, 1256 कार्यात्मक केन्द्रीय विद्यालय हैं, जिनमें से 03 विदेश में स्थित हैं -मास्को, काठमांडू और तेहरान – तथा इन केन्द्रीय विद्यालयों में कुल 13.56 लाख (लगभग) छात्र अध्ययन कर रहे हैं।

परियोजना के क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक संरचना में लगभग 960 छात्रों की क्षमता वाले एक पूर्ण केन्द्रीय विद्यालय के संचालन के लिए संगठन द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुरूप पदों के सृजन की आवश्यकता होगी। इस प्रकार, 960 x 86 = 82560 छात्र लाभान्वित होंगे। प्रचलित मानदंडों के अनुसार, एक पूर्ण केन्द्रीय विद्यालय 63 व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करता है। तदनुसार, 85 नए केन्द्रीय विद्यालयों की स्वीकृति तथा एक मौजूदा केन्द्रीय विद्यालय के विस्तार, जो 33 नए पदों को जोड़ेगा से कुल 5,388 प्रत्यक्ष स्थायी रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सभी केन्द्रीय विद्यालयों में विभिन्न सुविधाओं के संवर्धन से जुड़ी निर्माण और संबद्ध गतिविधियों से कई कुशल और अकुशल श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

भारत सरकार ने नवंबर 1962 में केंद्रीय विद्यालयों की योजना को मंजूरी दी थी, ताकि स्थानांतरित होने वाले केंद्रीय सरकार/रक्षा कर्मचारियों के बच्चों के लिए पूरे देश में एक समान मानक की शैक्षिक सुविधाएँ प्रदान की जा सकें। परिणामस्वरूप, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की एक इकाई के रूप में “केंद्रीय विद्यालय संगठन” की शुरुआत हुई। शुरुआत में, शैक्षणिक वर्ष 1963-64 के दौरान रक्षा स्टेशनों में स्थित 20 रेजिमेंटल स्कूलों को केंद्रीय विद्यालयों के रूप में शामिल किया गया था।

केंद्रीय विद्यालय प्राथमिक रूप से रक्षा और अर्धसैनिक बलों सहित केंद्र सरकार के स्थानांतरणीय और गैर-स्थानांतरणीय कर्मचारियों के बच्चों की और देश के दूरदराज और अविकसित स्थानों में रहने वाले लोगों सहित अस्थिर आबादी और अन्य लोगों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए खोले जाते हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसरण में, लगभग सभी केंद्रीय विद्यालयों को पीएम श्री स्कूल के रूप में नामित किया गया है, जो एनईपी 2020 के कार्यान्वयन को रेखांकित करता है और अन्य के लिए अनुकरणीय स्कूल के रूप में कार्य करता है। केवी अपने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, अभिवन शिक्षण पद्धति और अद्यतन अवसंरचना के कारण उन स्कूलों में से एक हैं, जिनकी सबसे अधिक मांग है। हर साल केवी के कक्षा 1 में प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है और सीबीएसई द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षाओं में केंद्रीय विद्यालयों के छात्रों का प्रदर्शन सभी शैक्षणिक प्रणालियों में लगातार सर्वश्रेष्ठ रहा है।


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By udaen

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