इको-टूरिज्म
पर्यटन मंत्रालय ने इको-टूरिज्म के लिए राष्ट्रीय रणनीति तैयार की है। भारत को इको-टूरिज्म के लिए एक पसंदीदा वैश्विक गंतव्य के रूप में स्थापित करने और इको-टूरिज्म के विकास के लिए निम्नलिखित रणनीतिक बिन्दुओं की पहचान की गई है:
(i) राज्यों का मूल्यांकन और रैंकिंग
(ii) इको-टूरिज्म के लिए राज्यों की रणनीति
(iii) आईईसी, क्षमता निर्माण और प्रमाणन
(iv) विपणन और प्रचार
(v) गंतव्य और उत्पाद विकास
(vi) सार्वजनिक-निजी और सामुदायिक भागीदारी
(vii) शासन और संस्थागत साझेदारी की संरचना
पर्यटन मंत्रालय विभिन्न पहलों के माध्यम से इको-टूरिज्म के क्षेत्र में देश को समग्र रूप से बढ़ावा देता है। इको टूरिज्म सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों और उत्पादों को मौजूदा गतिविधियों के हिस्से के रूप में बढ़ावा दिया जाता है। पर्यटन मंत्रालय नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्रचार के माध्यम से विभिन्न पर्यटन स्थलों और इको-टूरिज्म के उत्पादों को बढ़ावा देता है।
पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत पर्यटन संबंधी इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए इको-सर्किट को एक मूल विषय के रूप में चिन्हित किया है।
पर्यटन मंत्रालय ने अपनी स्वदेश दर्शन योजना को स्वदेश दर्शन 2.0 (एसडी 2.0) के रूप में नया रूप दिया है। इसका उद्देश्य पर्यटक और गंतव्य केंद्रित दृष्टिकोण के साथ टिकाऊ और जिम्मेदार पर्यटन स्थलों का विकास करना है। यह योजना पर्यावरणीय स्थिरता, सामाजिक-सांस्कृतिक स्थिरता और आर्थिक स्थिरता सहित टिकाऊ पर्यटन के सिद्धांतों को अपनाने को प्रोत्साहित करती है।
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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