कोटद्वार। त्योहारी सीजन में एक बार फिर से निजी वाहन संचालक मौके को भुनाने में लग गए हैं। निजी वाहनों का व्यावसायिक रूप में जमकर उपयोग किया जाने लगा है। वहीं, परिवहन विभाग के अधिकारी निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग पर कड़ी नजर रखने की बात कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे वाहनों के केवल चालान ही नहीं किए जाएंगे, बल्कि उन्हें सीधे सीज किया जाएगा।
बीते माह उप संभागीय परिवहन अधिकारी कोटद्वार शशि दूबे ने खुद सवारी बनकर एक निजी वाहन को एप पर बुक करने का मामला पकड़ा था। जिसमें चालान की कार्रवाई कर चालक से जुर्माना वसूल किया गया था। इस कार्रवाई के बाद निजी वाहन चालकों में हड़कंप मचा था और एप से निजी वाहनों की व्यावसायिक गतिविधि पर कुछ विराम लगा था।अब त्योहारों और विवाह उत्सवाें का समय होने से एक बार फिर से निजी वाहन स्वामियों ने एप से वाहनों की बुकिंग शुरू कर दी है। कुछ निजी वाहन स्वामी एप का उपयोग न कर परिवहन विभाग की आंखों में धूल झोंककर लोगों से सीधे संपर्क बनाकर निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग करने में जुटे हैं। जिससे एक ओर सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं व्यावसायिक वाहनों को भी घाटा झेलना पड़ रहा है।गड़बड़झाले में जनपद बिजनौर आगे
विभागीय सूत्रों के अनुसार कोटद्वार एवं आसपास के क्षेत्रों की अपेक्षा उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर के निजी वाहन स्वामी अपने वाहनों का ज्यादा उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों में कर रहे हैं। खासतौर पर मंगलवार और रविवार को यूपी से उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले कई निजी वाहन यात्रियों से खचाखच भरे दिखाई देते हैं।.
उत्तराखंड सरकार को हो रही राजस्व की हानि
व्यावसायिक वाहन मालिक को निर्धारित समय अंतराल के बाद वाहन का फिटनेस टेस्ट कराना होता है। टैक्स भरना होता है और विभाग से परमिट भी लेना होता है। जिसमें काफी खर्च आता है। इस खर्च को बचाने के लिए और मनमाना लाभ अर्जित करने के लिए निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग करने से सरकार को सीधे राजस्व हानि पहुंच रही है।.
निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग करने पर संबंधित वाहनों के चालान किए जा रहे हैं। चालान नहीं भुगतने की स्थिति में वाहन सीज भी किए जा रहे हैं। ऐसे वाहनों पर विभाग की ओर से पैनी निगाह रखी जा रही है।
-शशि दूबे, एआरटीओ कोटद्वार
