19 मई को जो आदेश जारी किया गया है, उसमें लिखा गया है कि बीते 9 अप्रैल को जारी किए गए आदेशनुसार कोविड-19 के राहत कार्यों में कार्यरत सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के साथ कोरोना वॉरियर्स यदि संक्रमित होते हैं, तो उनके उनके उपचार का व्यय सरकार वहन करेंगी. उनके जीवन की क्षति होने पर उनके आश्रितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सीधे दस लाख रुपये राहत सम्मान निधि के रूप में स्वीकृत जिए जाएंगे. ऐसे में अब परिवहन निगम के चालकों और परिचालकों को कोरोना वॉरियर्स घोषित कर दिया गया है, लिहाजा कोविड-19 की ड्यूटी में लगे हुए इन कर्मचारियों को कोरोना वॉरियर्स का लाभ दिया जाएगा.
