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उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय

पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले धान की 16.56 प्रतिशत अधिक खरीद की गई

मौजूदा खरीफ विपणन सत्र के दौरान धान की रिकॉर्ड खरीद की गई

धान की कुल 658.61 लाख मीट्रिक टन खरीद में से अकेले पंजाब ने 202.82 लाख मीट्रिक टन का योगदान किया जो कि कुल खरीद का 30.79 प्रतिशत है

सरकारी एजेंसियों ने 3,09,307.12 मीट्रिक टन दालों और तिलहन की खरीद की

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई दालों और तिलहनों की खरीद से 1,67,752 किसानों को लाभ हुआ

26,705.19 करोड़ रुपए मूल्य की 91,68,064 कपास की गांठों की खरीद की गई

मौजूदा खरीफ विपणन सत्र 2020-21 के दौरान सरकार ने पिछले सत्र की ही तरह किसानों से मौजूदा न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत एमएसपी पर खरीफ फसलों की खरीद की।

पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिसा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, असम, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद सुगमता से जारी है। इसके तहत 22.02.2021 तक 658.61 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। यह पिछले साल की इसी अवधि में की गई 565.03 लाख मीट्रिक टन खरीद की तुलना में 16.56 प्रतिशत अधिक है। धान की कुल खरीद यानि 658.61 लाख मीट्रिक टन में से अकेले पंजाब का योगदान 202.82 लाख मीट्रिक टन है जो कि कुल खरीद का 30.79 प्रतिशत है।

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वर्तमान खरीफ विपणन सत्र में जारी खरीद प्रक्रिया के तहत 1,24,345.66 करोड़ रुपए के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई खरीद से 95.23 लाख किसानों को अभी तक लाभ मिल चुका है।

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इसके साथ ही राज्यों द्वारा मिले प्रस्तावों के आधार पर तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, ओडिसा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश से मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत खरीफ विपणन सत्र 2020 के लिए 51.92 लाख मीट्रिक टन दालों और तिलहनों की खरीद को मंजूरी दी गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में 1.23 लाख मीट्रिक टन खोपरा की खरीद करने को भी मंजूरी दी गई है। इसके अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु राज्यों की सरकारों से मिले प्रस्तावों के अनुरूप रबी विपणन सत्र 2020-21 के तहत 26.69 लाख मीट्रिक टन दालों और तिलहनों की खरीद को मंजूरी दी गई है। अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से दालों, तिलहनों और खोपरा की पीएसएस के तहत खरीद के लिए प्रस्ताव मिलने पर उन्हें भी मंजूरी दे दी जाएगी ताकि इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद को 2020-21 के लिए अधिसूचित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पंजीकृत किसानों से सीधे खरीदा जा सके। ऐसा तब किया जाएगा जब संबद्ध राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की केंद्रीय नोडल एजेंसियां राज्य द्वारा मनोनीत खरीद एजेंसियों द्वारा अधिसूचित फसल के बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे चले जाएंगे।

22.02.2021 तक सरकार ने खरीफ 2020-21 के तहत अपनी नोडल एजेंसियों के जरिए 3,09,307.12 मीट्रिक टन मूंग, उड़द, तूर, मूंगफली और सोयाबीन की खरीद की है, जिनका न्यूनतम समर्थन मूल्य 1,665.82 करोड़ रुपए था और जिससे तमिलनाडु कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के 1,67,752 किसानों को फायदा हुआ।  इसके साथ ही रबी 2020-21 में 0.19 करोड़ रुपए के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 37.85 मीट्रिक टन चने की खरीद की गई जिससे आंध्र प्रदेश के 23 किसानों को लाभ हुआ।

इसी तरह कर्नाटक और तमिलनाडु से 22.02.2021 तक 52.40 करोड़ रुपए के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 5089 मीट्रिक टन खोपरा (मौसमी फसल) की खरीद की गई जिससे 3961 किसानों को फायदा हुआ। संबद्ध राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें दालों और तिलहनों की फसल आने की तिथि के आधार पर खरीद शुरू करने के लिए जरुरी इंतजाम कर रही हैं।

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पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिसा और कर्नाटक में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कपास की खरीद की प्रक्रिया सहजता पूर्वक चल रही है। 22.02.2021 तक 26,705.19 करोड़ रुपए मूल्य की 91,68,064 कपास की गांठों की खरीद की गई है, जिससे 18,95,966 किसानों को लाभ हुआ है।


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By udaen

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