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स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय

डॉ. हर्षवर्धन ने चौथे फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव फोरम को संबोधित किया

कोविड-19 और वैश्विक कारोबार पर उसके प्रभाव के कारण पांच बड़े रुझानों को उजागर किया

‘आत्‍मनिर्भर भारत अभियान मौजूदा एवं भविष्य की वैश्विक महामारियों की चुनौतियों से निपटने के लिए सतत देखभाल के साथ स्वास्थ्य प्रणालियों को विकसित और सुदृढ़ करेगा’

सऊदी अरब को कोविशील्‍ड की आपूर्ति की जाएगी

‘हम न केवल कारोबारी सुगमता बल्कि जीवन की सुगमता को भी बेहतर कर रहें हैं’

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव फोरम के चौथे सम्‍मेलन को आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये संबोधित किया। रियाद में आयोजित किए जा रहे इस फोरम का उद्देश्य इन मुद्दों का समाधान तलाशना है कि सरकार और उद्योग किस प्रकार स्‍वास्‍थ्‍य सेवा तक पहुंच बढ़ा सकते हैं, स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों को प्रशिक्षित कर सकते हैं, नियामकीय बाधाओं को दूर कर सकते हैं और उन्नत स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी में निवेश को प्रोत्साहित कर सकते हैं।

डॉ. हर्षवर्धन ने विश्व कल्याण के लिए इस फोरम के सकारात्मक योगदान का उल्‍लेख करते हुए कहा, ‘यह डायनेमिक प्‍लेटफॉर्म व्यापार जगत के कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।’ उन्होंने सऊदी अरब के साथ भारत के ऐतिहासिक संबंधों और संपर्कों को याद दिलाया जो आज दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के लिए एक मजबूत नींव है। उन्होंने विश्व अर्थव्यवस्था में सऊदी अरब के योगदान की भी सराहना की और वैश्विक महामारी के दौरान भारतीय अल्पसंख्यक की देखभाल करने के लिए देश को धन्यवाद दिया।

डॉ. हर्षवर्धन ने कोविड-19 के कारण उभरने वाले और वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर कर रहे पांच प्रमुख रुझानों पर प्रकाश डाला:

 

· प्रौद्योगिकी एवं नवाचार का प्रभाव

· वैश्विक वृद्धि के लिए बुनियादी ढांचे का महत्व

· मानव संसाधन और कार्य के भविष्य में हो रहे बदलाव

· पर्यावरण के लिए सहानुभूति

· पूरे समाज और सरकार के दृष्टिकोण पर केंद्रित व्यापार के अनुकूल प्रशासन

 

कोविड प्रबंधन की निगरानी के लिए स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी डिजिटल उपकरणों में भारत के योगदान और स्वदेशी नवाचार के बारे में डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, ’16 करोड़ से अधिक भारतीय अपने स्मार्टफोन के जरिये आरोग्‍य सेतु ऐप का उपयोग कर रहे हैं। कोविड हॉटस्पॉट का पता लगाने में ब्लूटूथ ट्रेसिंग तकनीक का उपयोग किया जाता है और आरोग्‍य सेतु ऐप के आईटीआईएचएएस+एएस के तहत स्थानीय प्रशासन को पहले ही सतर्क कर दिया जाता है।’

स्वास्थ्य सेवा में नवाचार को एकीकृत करने की व्यापक दृष्टि के संदर्भ में इस उपलब्धि के बारे में बताते हुए उन्‍होंने कहा, ‘हमने युवाओं के लिए स्टार्टअप चुनौतियों या हैकाथॉन के माध्यम से इस संस्कृति को मजबूत करने के लिए कई स्तर पर प्रयास किए हैं जहां वे खुद नवाचार का अनुभव करते हैं। आज भारत में अनुसंधान एवं विकास से लेकर तकनीकी उद्यमिता तक एक व्यापक परिवेश तैयार किया जा रहा है।’

 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने वैश्विक विकास के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में भारत के प्रयासों के बारे में बताते हुए कहा, ‘भारत ने आत्‍मनिर्भर भारत अभियान के तहत 2 करोड़ रुपये के एक व्‍यापक एवं विशेष आर्थिक पैकेज तैयार किया है जो भारत के जीडीपी का 10 प्रतिशत के बराबर है। स्वास्थ्य क्षेत्र में यह फंड मुख्‍य तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए निवेश पर लक्षित होगा ताकि भविष्य की बाधाओं के लिए भारत को तैयार किया जा सके।’

सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए इस आर्थिक पैकेज के प्रभाव के बारे में उन्होंने कहा, ‘उभरती परिस्थितियों पर करीबी नजर रखते हुए भारत वर्तमान एवं भविष्य में वैश्विक महामारी संबंधी चुनौतियों का सामना करने के लिए सतत देखभाल के साथ स्वास्थ्य प्रणालियों को विकसित और सुदृढ़ करेगा। इसके लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा डिलिवरी प्रणाली में लगातार और नियोजित निवेश किया जाएगा।

डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि भारत ने कुशल मानव संसाधन तैयार करने के लिए किस प्रकार व्यापक दृष्टिकोण विकसित किया है। उन्‍होंने जलवायु परिवर्तन की समस्‍या से निपटने और स्वच्छ ईंधन की खपत को प्रोत्‍साहित करने की दिशा में भारत द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में भी बताया।

स्वास्थ्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि स्‍वास्‍थ्‍य सेवा किसी भी सरकार की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। उन्‍होंने हाल में भारत द्वारा दो स्वदेशी तौर पर विकसित कोविड-19 टीकों के साथ शुरू किए गए दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के बारे में बताया। इस संबंध में उन्होंने उपस्थित लोगों को यह भी जानकारी दी कि एसआईआई प्राइवेट लिमिटेड सऊदी अरब को कोविशिल्ड की आपूर्ति करेगी। उन्होंने को-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म के विकास और आयुष्मान भारत योजना के बारे में भी उल्लेख किया। यह योजना दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम है जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में समुदायों को एकीकृत करने में प्रौद्योगिकी के उपयोग का एक दमदार उदाहरण है।

 

डॉ. हर्षवर्धन ने फोरम को आश्‍वस्‍त किया कि न केवल कारोबारी सुगमता बल्कि जीवन की सुगमता में भी भारत ने तेजी से प्रगति की है। उन्होंने विश्व के कल्याण की दिशा में भारत की इस यात्रा में भागीदारी के लिए सभी को आमंत्रित करते हुए अपना संबोधन समाप्त किया।


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By udaen

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