राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद को मिली आईएसओ 17020:2012 की मान्यता
भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग के अंतर्गत कार्यशील राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (एनपीसी) को कृषि उत्पादों के वैज्ञानिक विधि से संग्रहण और खाद्य सुरक्षा लेखा परीक्षण जैसे जांच कार्यों को क्रियान्वित करने के लिए राष्ट्रिय प्रमाणन बोर्ड (एनएबीसीबी) और भारतीय गुणवत्ता परिषद से मान्यता मिल गई है। एनपीसी को आईएसओ 17020:2012 प्रमाणपत्र प्राप्त हो गया है। यह मान्यता 3 वर्षों के लिए वैध है। एनपीसी ने अपने मुख्यालय पर पहले से ही जांच और लेखा परीक्षण के कार्यों के लिए एक निरीक्षण विभाग का गठन कर लिया है।
एनपीसी भंडारण विकास और नियामक प्राधिकरण (डब्ल्यूडीआरए) और भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफ़एसएसएआई) जैसे अलग-अलग नियामक संस्थाओं का निरीक्षण और लेखा परीक्षण का कार्य कर रहा है। एनपीसी के पास निरीक्षण और लेखा परीक्षण हेतु उच्च स्तर की दक्षता है।
डब्ल्यूडीआरए ने देश भर में भंडारगृहों के निरीक्षण और परीक्षण के लिए एनपीसी को 2011 में निरीक्षण एजेंसी के तौर पर सूचीबद्ध किया था। एफ़एसएसएआई ने भी देश भर के खाद्य भंडारण/भंडारगृहों/कोल्ड स्टोरेज के क्षेत्र में खानपान के व्यवसाय से जुड़े संस्थानों में खाद्य सुरक्षा की जांच के लिए परीक्षण एजेंसी के तौर पर पहले से ही सूचीबद्ध किया हुआ है। एनपीसी एफ़एसएसएआई के लिए डेरी उद्योग, तेल शोधन इकाइयों, सोलवेंट शोधन इकाइयों का लेखा परीक्षण किया है।
एनपीसी को एनएबीसीबी द्वारा हाल ही में मिली आईएसओ 17020:2012 की मान्यता से अब एनपीसी को एफ़एसएसएआई के खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य सुरक्षा लेखा परीक्षण) नियामक 2018 के अंतर्गत खाद्य भंडारगृहों समेत खानपान के व्यवसाय से जुड़े संस्थानों और डब्ल्यूडीआरए नियम, 2017 के अंतर्गत भंडारगृहों का स्वतंत्र रूप से लेखा परीक्षण का अधिकार मिल जाएगा।
