पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। सोमवार रात को पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया के दौरान दोनों तरफ से हिंसक झड़प हुई। इसमें भारतीय सेना का एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए। भारतीय सेना ने अपने बयान में कहा है कि हिंसक झड़प में दोनों पक्षों को नुकसान हुआ है। 
सेना ने कहा कि हिंसक टकराव के दौरान एक अधिकारी व दो जवान शहीद हुए जबकि चीनी पक्ष को भी नुकसान हुआ है। हालांकि कितना नुकसान हुआ है यह अभी स्पष्ट नहीं है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, तीनों सेनाओं के प्रमुख व विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस टकराव के साथ-साथ पूर्वी लद्दाख के संपूर्ण घटनाक्रम से अवगत कराया।
सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार 1975 में अरुणाचल प्रदेश में तुलुंग ला में हुए संघर्ष में चार भारतीय जवानों की शहादत के बाद यह इस तरह की पहली घटना है। सैन्य सूत्रों ने कहा कि दोनों सेनाओं के बीच घटनास्थल पर मेजर जनरल स्तर की बातचीत चल रही है।
सेना ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘गलवान घाटी में तनाव कम करने की प्रक्रिया के दौरान सोमवार रात हिंसक टकराव हो गया। इस दौरान भारतीय सेना का एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए।’
इसमें कहा गया है कि दोनों पक्षों की ओर से सेना के वरिष्ठ अधिकारी तनाव कम करने के लिए घटनास्थल पर संवाद कर रहे हैं।
हिंसक टकराव के दौरान शहीद अधिकारी कर्नल व गलवान में एक बटालियन के कमांडिंग अफसर थे। तीनों सैनिक चीन की ओर से किए गए पथराव में घायल हुए जिसके बाद उनका निधन हो गया। हालांकि अभी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि दोनों ओर से कोई गोलीबारी नहीं हुई।
रक्षा मंत्री ने बुलाई बैठक
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे लेकर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख नरवणे और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठक की है। वहींं, जनरल एमएम नरवणे ने पठानकोट सैन्य स्टेशन का दौरा रद्द कर दिया है।
भारत और चीन के बीच करीब एक महीने से सीमा विवाद जारी है और इसे बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की जा रही है। दोनों पक्षों की ओर से लगातार बातचीत जारी थी और संयम भरे बयान भी सामने आ रहे थे। इसी बीच ये बड़ी घटना सामने आई है।
चीन की अनर्गल बयानबाजी
उधर, चीन ने इस मामले पर शातिराना चाल चलना शुरू कर दिया है। उसकी ओर से अनर्गल आरोपों का दौर शुरू हो गया है और भारतीय सैनिकों पर ही उंगली उठाई जा रही है।ग्लोबल टाइम्स के हवाले से चीन के विदेश मंत्री ने बयान दिया है कि चीन और भारत दोनों ही इस द्विपक्षीय मामले को बातचीत से सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि सीमा पर शांति बरकरार रह सके। साथ ही कहा है कि उसके सैनिकों ने सीमा का उल्लंघन नहीं किया है। विदेश मंत्री का कहना है कि भारतीय सैनिकों ने ही सीमा पर उकसावे की कार्रवाई शुरू की थी।
दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद, चीनी सेना कुछ पॉइंट्स से वापस हटने लगी थी। मगर इस घटना के बाद अब सीमा पर तनाव और बढ़ने की आशंका नजर आने लगी है।
